युगांडा पैरा बैडमिंटन इंटरनेशनल चैंपियनशिप 2021 में हिसार की ज्योति ने जीता गोल्ड, ज्वालामुखी की कपूर अकादमी में लिया था बैडमिंटन का प्रशिक्षण
ज्योति ने अफ्रीका के युगांडा में पैराबैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप 2021 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा किया है। ज्योति वर्मा ने सिंगल्स में स्वर्ण जबकि युगल में दिल्ली के कालका जी से पैराबैडमिंटन खिलाड़ी चरणजीत कौर के साथ मिलकर कांस्य पदक जीतने में भी सफलता हासिल की।

ज्वालामुखी, प्रवीन कुमार शर्मा। हरियाणा के बेहलपुर गांव की दिव्यांग ज्योति वर्मा ने अफ्रीका के युगांडा में पैराबैडमिंटन अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप 2021 में स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम ऊंचा किया है। ज्योति वर्मा ने सिंगल्स में स्वर्ण जबकि युगल में दिल्ली के कालका जी से पैराबेडमिंटन खिलाड़ी चरणजीत कौर के साथ मिलकर कांस्य पदक जीतने में भी सफलता हासिल की है। इन दोनों खिलाड़ियों की कामयाबी से पहाड़ का सिर भी गर्व से ऊंचा हुआ है, क्योंकि दोनों ने अपने खेल को निखारने के लिए शहर के बड़े कोचिंग संस्थानों को छोड़कर कांगड़ा के ज्वालामुखी का रूख किया था।
ज्योति वर्मा पिछले एक साल से ज्वालामुखी की कपूर अकादमी में कोचिंग ले रहीं हैं, जबकि चरणजीत कौर ने अपने खेल को इसी अकादमी से निखारने के लिए देश के जवाहरलाल नेहरू सरीखे बड़े स्टेडियम को छोड़कर पहाड़ का रूख किया था। ज्योति ने अपनी सफलता के लिए अपने माता पिता के साथ कपूर अकादमी के संस्थापक रविंद्र कपूर को इस बड़ी विजय का श्रेय दिया है।
ट्रक ड्राइवर हैं ज्योति के पिता
युगांडा में देश के नाम गोल्ड जीतने वाली ज्योति हरियाणा के हिसार जिले के छोटे से गांब से तालुक्क रखती है। ज्योति ने दैनिक जागरण को बताया कि बचपन्न से ही दिव्यांग है। स्कूल स्तर पर खेल में अब्बल रहने के बाद माता पिता ने खेलों में ही आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। पिता सलवान टैंकर चलाते हैं। भारी आर्थिक मुसीबतों का बावजूद उसके माता पिता ने उसके भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया, जबकि कपूर अकादमी के मुख्य कोच रविंद्र कपूर ने उसे अपनी बेटी की तरह इल्म दिया। यह पदक देश के साथ मेरे गुरु के लिए भी बराबर है।
यह यह इनाम ज्योति के नाम
हरफनमौला ज्योति इससे पहले भी राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम चमका चुकी है। वर्ष 2018 में पहली बार नेशनल गेम्स में भाग लेकर पैराबैडमिंटन के सिंगल मुकाबले में भाग लेकर गोल्ड मेडल जीता था। इसी चैंपियनशिप में मिक्स डबल मुकाबले में सहयोगी तरुण के साथ मिलकर कांस्य पदक जीता था। वर्ष 2019 में उत्तराखंड में सिंगल पैराबैडमिंटन में गोल्ड तथा मिक्स डबल मुकाबले में सिल्वर जीतकर अपना लोहा मनवाया था। ज्योति विश्व चैंपियनशिप के लिए पिछले साल से मां जवालमुखी के चरणों में पसीना बहा रही थी। ज्योति ने पहले ही दावा किया था कि इस बार अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर देश का मस्तक ऊंचा उठाएगी।
कपूर अकादमी के मुख्य कोच रविंदर कपूर, गौरव कपूर, तथा करिश्मा कपूर ने ज्योति की सफलता पर बधाई दी है। उन्होंने कहा ज्योति होनहार तथा परिश्रमी खिलाड़ी है। ज्योति की उपलब्धि से हिमाचल की भी शान बढ़ी है। ज्योति पिछले एक साल से उनकी अकदामी केबीए में खेल की बारीकियां सीख रही हैं।
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