शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal Pradesh University. हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला की सुस्ती का खामियाजा प्रदेश के तीन लाख विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। परीक्षा के चार माह बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन इन स्नातक स्तर की कक्षाओं के परीक्षा परिणाम नहीं निकाल पाया है। प्रशासन का कहना है कि अभी इसमें कई तरह की औपचारिकताएं बाकी हैं। पिछले साल सितंबर में यूजी की ये परीक्षाएं शुरू हुई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पेपर चेकिंग के लिए नई प्रणाली तैयार की थी। इस प्रणाली का मकसद तय समय में रिजल्ट निकालना था, लेकिन यह सिस्टम पहले ही साल फेल हो गया है।

इसमें पेपर चेक होने से पहले सभी पेपर का रिकार्ड दर्ज किया जा रहा है। रिकार्ड दर्ज करने के लिए विश्वविद्यालय ने इस बार 12 स्कैनर लगाए हैं, जिसका काम आउटसोर्स पर दिया गया है। अब तक विद्यार्थियों का रिकार्ड ही मेंटेन नहीं हो पाया है। स्कैनिंग की प्रक्रिया पूरी होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन पेपर परीक्षा केंद्रों तक चेकिंग के लिए पहुंचाएगा।

इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय लग रहा है। अब तक केवल 50 से 60 हजार विद्यार्थियों के ही पेपर चेक हो पाए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को अभी रिजल्ट के लिए लंबा इंतजार करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि अगले माह तक रिजल्ट तैयार कर दिया जाएगा।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma