शिमला, जागरण संवाददाता। Himachal Student Scholarship, केंद्र व राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित छात्रवृत्ति योजना के लिए नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। छात्रवृत्ति के लिए किए जाने वाले आवेदन में आय सर्टिफिकेट अभिभावकों का लगेगा। यानि यदि कोई छात्र आवेदन में अपने नाम से सर्टिफिकेट लगाता है तो उस आवेदन को रद कर दिया जाएगा। छात्रवृत्ति के आवेदनों में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया है। उच्चतर शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. हरीश कुमार की ओर से इस संबंध में हिमाचल के सभी निजी व सरकारी विवि व कॉलेजों, स्कूल व कॉलेज प्रधानाचार्य को सर्कुलर जारी कर दिया है। विभाग ने कहा है कि यदि कोई जानबूझ कर गलत आवेदन करता है तो उसे छात्रवृत्ति से हाथ धोना पड़ सकता है।

पटवारी की रिपोर्ट पर तहसीलदार बनाते हैं आय सर्टिफिकेट

पटवारी की रिपोर्ट के आधार पर तहसीलदार आय सर्टिफिकेट बनाते हैं। पटवारी आवेदन के आधार पर अपनी रिपोर्ट देते हैं और उस पर ही यह सर्टिफिकेट मिल जाता है। कई बार परिवार की आय ज्यादा होती है और छात्र छात्रवृति के लिए अपात्र हो जाते हैं। इसलिए कई छात्र अपने नाम से ही सर्टिफिकेट बनाकर आवेदन करते हैं। इस बार इसमें बदलाव किया गया है।

इसलिए दी जाती है छात्रवृति

शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने केंद्र व राज्य सरकार हर साल छात्रवृत्ति देती है। सरकारी व निजी स्कूल, कॉलेज व विवि में पढ़ने वाले बच्चों को छात्रवृत्ति दी जाती है। इसका मकसद गरीब वर्ग के विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे इसलिए यह छात्रवृति दी जाती है। छात्रवृति देने के लिए आवेदन मंगवाए जाते हैं। इसके लिए आवेदन ऑनलाइन होते हैं।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma

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