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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Kullu Cloudburst: मलाणा में बादल फटने से दस वाहन बहे, प्रोजेक्‍ट में फंसे 25 कर्मचारी सु‍रक्षित निकाले

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Wed, 06 Jul 2022 09:59 AM (IST)Updated: Wed, 06 Jul 2022 10:02 AM (IST)

Cloudburst In Malana Kullu जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। घाटी के मलाणा ...और पढ़ें

मणिकर्ण घाटी के मलाणा में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।
मणिकर्ण घाटी के मलाणा में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है।

कुल्लू, संवाद सहयोगी। Cloudburst In Malana Kullu, जिला कुल्लू की मणिकर्ण घाटी में बादल फटने से काफी नुकसान हुआ है। घाटी के मलाणा में बादल फटने के कारण आई बाढ़ से जहां स्थानीय लोगों के आठ से 10 करीब वाहन बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। मलाणा एडिट दो प्रोजेक्ट के 25 कर्मचारी भी बाढ़ की चपेट में आने से बचे हैं। ये कर्मी प्रोजेक्‍ट के भवन में फंस गए थे, जिन्‍हें लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है। सभी कर्मचारियों को स्‍थानीय लोगों ने सुरक्षित निकाल लिया है। इस घटना के बाद स्‍थानीय लोग व प्रोजेक्‍ट कर्मी सहमे हुए हैं। प्रोजेक्‍ट को भी कुछ नुकसान होने की सूचना है। वहीं करीब छह घोड़े भी बह गए हैं। बाढ़ आने से सड़कों को भारी नुकसान हुआ है। क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है।

एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया बचाव कार्य जारी है, वह स्वयं टीम के साथ चोज में बचाव कार्य  में जुटे हैं, जबकि मलाणा के लिए भी बचाव टीम भेज दी गई है। वहां पर भी काफी नुकसान हुआ है और मलाणा घाटी शेष दुनिया से कट गई है।

उधर, घाटी के चोझ में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। सुबह पांच बजे अचानक आई बाढ़ से तीन कैंपिंग साइट, छह कैफे, एक होम स्टे बह गया, जिसमें कई पर्यटकों सहित कैफे संचालक के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य आरंभ कर दिया है। लिहाजा, मणिकर्ण घाटी के चोझ और मलाणा में बादल फटने से आई बाढ़ ने जगह जगह तबाही मचाई है।

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खराब मौसम के चलते जिला शिमला और कुल्लू में भूस्खलन से लोगों के हताहत होने की सूचना अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति एवं शोकग्रस्त परिवारजनों को संबल प्रदान करें। प्रदेशवासियों से आग्रह है कि बरसात के मद्देनजर भूस्खलन संभावित क्षेत्रों तथा नदी-नालों के करीब न जाएं। खराब मौसम को देखते हुए अनावश्यक सफर से बचें। सरकार और प्रशासन का सहयोग करें।
- Jairam Thakur (@jairamthakurbjp) 6 July 2022