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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Himachal Bus Fare Hike: हिमाचल में बसों का किराया दोगुना, मंत्रिमंडल के फैसले पर क्या बोली यूनियन?

Published: Sun, 06 Apr 2025 10:25 PM (IST)

Himachal Bus Fare Hike हिमाचल प्रदेश में न्यूनतम बस किराया दोगुना करने के मंत्रिमंडल के फैसले का निजी बस ऑपरेटरों ...और पढ़ें

मंत्रिमंडल की मंजूरी, बस आपरेटर कर रहे अधिसूचना का इंतजार
मंत्रिमंडल की मंजूरी, बस आपरेटर कर रहे अधिसूचना का इंतजार

संवाद सहयोगी, धर्मशाला।  प्रदेश में न्यूनतम किराया दोगुना यानी दस रुपये किए जाने के मंत्रिमंडल के फैसले को निजी बस ऑपरेटर यूनियनों ने निजी बस संचालकों के लिए संजीवनी करार दिया है। हालांकि, अभी इस संबंध में अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।

यूनियनों के पदाधिकारियों के मुताबिक, अभी तक पुराना ही किराया तब तक लिया जाएगा, जब तक कि अधिसूचना जारी नहीं होती है। वहीं, रविवार को धर्मशाला सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर परिचालकों ने भी पुराना ही न्यूनतम किराया लिया है।

कई परिचालक भी अभी न्यूनतम किराया मंत्रिमंडल की ओर से बढ़ाए जाने के फैसले से अनभिज्ञ हैं। वहीं, कई परिचालकों ने भी नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि न्यूनतम किराया दस रुपये किया जाना सही नहीं है। कई बार यात्री ने महज आधा या किलोमीटर की ही दूरी पर जाना होता है।

इसलिए जो मौजूदा समय में किराया है वह जायज है। हालांकि कई स्थानों पर परिचालकों ने न्यूनतम किराया पांच रुपये ही काटा है जबकि यात्रियों को ये जानकारी जरूर दी है कि अब न्यूनतम किराया बढ़ने वाला है और अब उन्हें दस रुपये चुकाने होंगे।

क्या कहते हैं यूनियनों के पदाधिकारी

न्यूनतम किराया हिमाचल में दस रुपये किए जाने का फैसला सुक्खू सरकार का सराहनीय है। इससे निजी बस संचालकों को संजीवनी मिलेगी। साथ ही इससे ओवरलोडिंग भी नहीं होगी। ज्यादातर ओग अब पैदल आवाजाही को भी प्राथमिकता देंगे।

-हैप्पी अवस्थी, अध्यक्ष जिला कांगड़ा प्राइवेट बस ऑपरेटर यूनियन।

रवि दत्त शर्मा कहते हैं,

न्यूनतम किराये को दोगुना करने से निजी बस संचालकों को लाभ मिलेगा। ये फैसला सरकार का सराहनीय है। हिमाचल में न्यूनतम किराया बढ़ाए जाने की मांग यूनियनें काफी समय से उठाती आ रही थीं। अब अधिसूचना का इंतजार किया जा रहा है।

-रवि दत्त शर्मा, अध्यक्ष जिला कांगड़ा निजी बस ऑपरेटर वेलफेयर सोसायटी।

आरटीओ, कांगड़ा के प्रदीप कुमार कहते हैं, 

अभी मंत्रिमंडल ने फैसला लिया है। जब तक अधूसिचना जारी नहीं होगी, तब तक पुराना ही किराया बस ऑपरेटर ले पाएंगे। यदि कोई ऐसे अधिक किराया वसूलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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