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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 09, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

HP AAP Chief Anup Kesari: 2020 में अध्‍यक्ष बने थे अनूप केसरी, पार्टी छोड़ने की बताईंं ये तीन वजह

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Sat, 09 Apr 2022 11:05 AM (IST)Updated: Sat, 09 Apr 2022 12:37 PM (IST)

Himachal Pradesh AAP Chief Anup Kesari हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी के अध्‍यक्ष अनूप केसरी ने भाजपा का दामन ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी के अध्‍यक्ष रहे अनूप केसरी दिल्‍ली में जेपी नड्डा के साथ। एएनआइ
हिमाचल प्रदेश में आम आदमी पार्टी के अध्‍यक्ष रहे अनूप केसरी दिल्‍ली में जेपी नड्डा के साथ। एएनआइ

ऊना, सुरेश बसन। Himachal Pradesh AAP Chief Anup Kesari, आम आदमी पार्टी हिमाचल की नौ वर्ष तक सेवा करने के बाद प्रदेश अध्यक्ष अनूप केसरी ने भाजपा का दामन थाम राजनीतिक गलियारों में नई बहस को जन्म दे दिया है। अन्य पदाधिकारियों के संग अनूप केसरी ने केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के समक्ष भाजपा के कमल को स्वीकारा है। पार्टी छोड़ने की वजह एडवोकेट अनूप केसरी ने पुराने और ईमानदार कार्यकर्ताओं के साथ धोखा और अनदेखी बताई है। केसरी ने बताया कि पंजाब चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद आप की दिल्ली की टीम यहां प्रदेश में आकर बैठ गई। जिन्हें यहां की भौगोलिक परिस्थितियों का अता पता नहीं था और न ही संगठन का ज्ञान था। इसके बाद दिल्‍ली से आए नेता अपनी चलाने लगे।

अनूप केसरी ने कहा उन्‍होंने कई बार बात करने की कोशिश की। लेकिन कोई कुछ नहीं बता रहा था। मंडी के रोड शो का हिस्सा भी उन्हें नहीं बनाया गया। सात आठ साल से जो कार्यकर्ता लगे हुए थे उनको कोई रोड शो में जगह नहीं दी गई। कहें तो रोड शो में पार्टी अपने आप को ही प्रमोट करने आई थी। दिल्ली से सत्येंद्र जैन, दुर्गेश पाठक आदि नेताओं को बिना प्रदेश पदाधिकारियों से सलाह किए यहां भेज दिया गया। उन्होंने आते ही पार्टी का कांग्रेसीकरण कर दिया। कोई अन्य पार्टी को छोड़ आए लेकिन पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी बर्दाश्त नहीं

थी।

अनूप केसरी ने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं ने मिलकर पौधा लगाया था। आज जब बड़ा हुआ है तो फल खाने के लिए कांग्रेसियों को ले आए यह ठीक नहीं है, क्योंकि कांग्रेसी फल खाने वाले हैं। अब जनता के लिए अगली लड़ाई भाजपा में रहकर लड़ी जाएगी। 

इस प्रकार रहा अनूप केसरी का कार्यकाल

पेशे से अधिवक्ता जिला ऊना के खानपुर निवासी अनूप केसरी ने आम आदमी पार्टी का दामन उस दौर में 2013-14 में बतौर कार्यकर्ता थामा था। जब आप का यहां कोई वजूद ही नहीं था। इस दौरान उन्हें कार्यकर्ता के बाद ऊना विधानसभा क्षेत्र का अध्यक्ष बनाया गया। संगठन में उनकी सक्रियता और लगन को देखते हुए वह जिलाध्यक्ष बने। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष तथा प्रदेश अनुशासन कमेटी के कार्यकारिणी सदस्य भी रहे। उसके बाद 20 दिसंबर 2020 को आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई थी। जिसे वह बीते दिन तक निभा रहे थे। उन्हाेंने आम आदमी पार्टी की हिमाचल विरोधी नीतियों के को देखते हुए संगठन महामंत्री सतीश ठाकुर व ऊना विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष इकबाल सिंह भाजपा का दामन थामा है।