मंडी, संवाद सहयोगी। Himachal Child Marriage, जिला मंडी में नाबालिग के हाथ पीले करने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पद्धर क्षेत्र के बाद अब जिला की बल्ह घाटी के बग्गी क्षेत्र में 14 साल की किशोरी की 20 साल के युवक से शादी करने का मामला बाल संरक्षण इकाई की चौखट में पहुंच गया है। बाल संरक्षण इकाई ने फिलहाल नाबालिगा को वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया है। चाइल्ड लाइन मंडी की टीम को बग्गी क्षेत्र में चाइल्ड मेरिज की सूचना प्राप्त होने के बाद स्थानीय पंचायत प्रधान के सहयोग से नाबालिग के घर में दबिश दी।

चाइल्ड लाइन की टीम ने वहां जा कर देखा कि बिना बिजली के एक कमरे में चार बेटियां अपनी मां के साथ रहने को मजबूर हैं। सबसे बड़ी बेटी 14 साल की है। नाबालिग से बातचीत करने पर उसने चाइल्डलाइन टीम के सदस्यों को बताया कि उसके पिता की करीब सात आठ माह पहले नहर में डूबने से मौत हो गई है। इसके बाद वह अपनी तीन बहनों व मां के साथ इस कमरे में रह रही है। उसे रात को सोने के लिए जगह तक नहीं है। कमरे में बिजली नहीं है। खिड़कियां व दरवाजे भी टूट गए हैं। जिस कारण उसने साथ वाले गांव के एक लड़के से शादी करने का निर्णय लिया था।

उन्होंने एक दूसरे को जयमाला पहना कर शादी कर ली है। अब वह अपने पति के बिना नहीं रह सकती है। चाइल्ड लाइन की टीम ने शादी करने वाली नाबालिग व उसकी तीन अन्य बहनों का रेस्क्यू कर संरक्षण में लिया है। नाबालिग के साथ शादी करने वाले युवक को भी चाइल्ड लाइन मंडी की टीम बाल संरक्षण इकाई के समक्ष पेश करेगी। दो अगस्त को बाल संरक्षण इकाई के समक्ष पेश करने से पहले चारों बहनों को वन स्टाप सेंटर में आश्रय दिया है। चाइल्ड लाइन मंडी के समन्वयक अच्छर सिंह ने बताया चारों बालिका एक टूटे फूटे घर में किसी तरह अपनी बेबस मां के साथ गुजर बसर कर रही थी।

बाल संरक्षण समिति मंडी के चेयरमैन दुनी चंद ठाकुर ने कहा बग्गी क्षेत्र में शादी करने वाली नाबालिग के उसकी तीन अन्य छोटी बहनों के साथ वन स्टाप सेंटर में अस्थायी तौर पर आश्रय दिया है। सोमवार को चारों बहनों व नाबालिग से शादी करने वाले युवक को समिति के सामने पेश करने के चाइल्ड लाइन की टीम को निर्देश दिए हैं।

Edited By: Rajesh Kumar Sharma