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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 28, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लुहरी और धौलासिद्ध परियोजना से विद्युत क्षमता में सालाना 2444 मिलियन यूनिट की होगी वृद्धि, पीएम मोदी ने रखी है आधारशिला

By Rajesh Kumar SharmaEdited By:
Published: Tue, 28 Dec 2021 08:19 AM (IST)

PM Modi Inaugurate Projects In Himachal प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिमला और कुल्लू जिले में स्थित 210 मेगावाट लुहरी स्टेज-1 ...और पढ़ें

देश की विद्युत क्षमता में सालाना 2444 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की वृद्धि होगी।
देश की विद्युत क्षमता में सालाना 2444 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की वृद्धि होगी।

शिमला, राज्य ब्यूरो। PM Modi Inaugurate Projects In Himachal, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिमला और कुल्लू जिले में स्थित 210 मेगावाट लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना, हमीरपुर और कांगड़ा जिले में स्थित 66 मेगावाट धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की वर्चुअल माध्यम से आधारशिला रखी। शिमला और मंडी जिले में स्थित 382 मेगावाट सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना के ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी शुभारंभ किया। तीनों परियोजनाओं के निर्माण में कुल 5113 करोड़ रुपये खर्च होंगे और देश की विद्युत क्षमता में सालाना 2444 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की वृद्धि होगी।

परियोजना प्रभावित परिवारों को 10 साल तक प्रतिमाह 100 यूनिट मुफ्त विद्युत उपलब्ध होगी। परियोजनाओं को एसजेवीएनएल की ओर से बिल्ड-आन-आपरेट-मेंटेन (बूम) के आधार पर क्रियान्वित किया जा रहा है। लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना और सुन्नी बांध जल विद्युत परियोजना सतलुज नदी पर और धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना ब्यास नदी पर स्थित है।

एसजेवीएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक नंद लाल शर्मा ने बताया कि नवंबर 2020 में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति की ओर से 210 मेगावाट की लुहरी स्टेज-1 के लिए 1810 करोड़ रुपये की परियोजना लागत को मंजूरी दी गई। परियोजना को जनवरी, 2026 तक कमीशन किया जाना निर्धारित है। यह परियोजना सालाना 758.20 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन करेगी। इस परियोजना को 66 करोड़ रुपये की बजटीय सहायता भी प्रदान की गई है।

परियोजना में 80 मीटर ऊंचे बांध का निर्माण किया जाना है। पर्यावरण के संरक्षण में योगदान करते हुए इस परियोजना से प्रतिवर्ष पर्यावरण से 6.1 लाख टन कार्बन डाइआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी। लुहरी स्टेज-1 जल विद्युत परियोजना 20 लाख मानव कार्य दिवस रोजगार के अवसर सृजित करेगी, जबकि हिमाचल प्रदेश राज्य को 40 साल के परियोजना जीवनकाल के दौरान लगभग 1140 करोड़ की मुफ्त बिजली से लाभ होगा।

66 मेगावाट की धौलासिद्ध जल विद्युत परियोजना की 687.97 करोड़ रुपये की परियोजना लागत को मंजूरी दी है और इस परियोजना के लिए 21.6 करोड़ की बजटीय सहायता भी प्रदान की गई है। परियोजना को नवंबर, 2025 में पूरा किए जाने का लक्ष्य है। इस परियोजना के पूरा होने पर सालाना 304 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादित होगी। प्रदेश को इस परियोजना से 461 करोड़ रुपये की मुफ्त विद्युत का लाभ होगा। सुन्नी बांध जलविद्युत परियोजना की लागत 2614.51 करोड़ रुपये आंकी गई है और परियोजना के पूरा होने पर सालाना 1382 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन अनुमानित है। यह परियोजना पर्यावरण से सालाना 11 लाख टन कार्बन डाइआक्साइड को कम करने में मदद करेगी और हिमाचल प्रदेश को लगभग 2587 करोड़ रुपये की मुफ्त बिजली देगी।