शिमला, राज्‍य ब्‍यूरो। कोटखाई के बहुचर्चित दुष्कर्म एवं हत्या मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने दोषी नीलू को उम्र कैद की सजा सुनाई है। जिला एवं न्यायाधीश राजीव भारद्वाज की अदालत में शुक्रवार को केस की सुनवाई हुई। नीलू 28 अप्रैल को दुष्कर्म एवं हत्या मामले में दोषी करार दिया था।

कोर्ट में सीबीआई की थ्योरी सही साबित हुई। जांच एजेंसी ने इकलौता आरोपित पकड़ा था। इसके खिलाफ पुख्ता सुबूत पेश किए थे। उधर, मृतका की मां की ओर से याचिका के माध्यम से हाइकोर्ट से गुहार लगाई है कि वह सीबीआइ से दोबारा जांच करवाए। अभी इस पर फैसला नहीं आया है। मां का मानना है कि आरोपित अकेला नहीं हो सकता। केवल एक व्यक्ति ऐसी घिनौनी हरकत नहीं कर सकता। जबकि सीबीआई जांच में एक ही आरोपित निकला।

सीन ऑफ क्राइम- एक से ज्यादा हो सकते हैं आरोपित

फारेंसिक विशेषज्ञों ने भी माना था कि वारदात में एक से अधिक व्यक्ति संलिप्त हो सकते हैं। तब जंगल के रास्ते से करीब 35 मीटर नीचे एक गड्ढे़ में शव बरामद हुआ।शराब की बोतल, शीत पेय और गुटका भी मिला था। मौका एक वारदात से लड़की के कपड़े, जूते, एक हेयरपिन भी मिली थी। दूसरी हेयरपिन कच्चा रोड से बरामद हुई थी। वारदात 4 जुलाई को साढ़े चार बजे के बाद हुई। जब वह घर वापस जा रही थी।

क्या है मामला

कोटखाई के गांव हलाईला क्षेत्र में 15 साल की स्कूली छात्रा के साथ 4 जुलाई को 2017 को दुष्कर्म हुआ हुआ और फिर हत्या कर दी गई। पहले जांच पुलिस ने की। पुलिस ने जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया, उनमें से सूरज की कोटखाई थाने की हवालात में मौत हो गई थी। इससे जनता सड़क पर उतर आई थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों मामलों की सीबीआइ जांच के आदेश दिए थे। जांच में पुलिस की थ्योरी गलत साबित हुई। सीबीआइ ने सभी आरोपितों को क्लीन चिट दी। जबकि बाद में छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या मामले में चिरानी अनिल कुमार उर्फ नीलू को गिरफ्तार किया।

Edited By: Richa Rana