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गोहर में 15 साल की बेटी की करवा दी शादी, पेट में आठ माह का गर्भ

मंडी जिला में पढऩे-लिखने वाली उम्र में बेटियों के हाथ पीले करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला गोहर उपमंडल का है। यहां स्वजन ने 15 साल की बेटी की शादी कर दी। उसके पेट में आठ माह का गर्भ पल रहा है।

By Virender KumarEdited By: Fri, 27 Aug 2021 03:46 PM (IST)
गोहर में 15 साल की बेटी की करवा दी शादी, पेट में आठ माह का गर्भ
गोहर में स्‍वजन ने 15 साल की बेटी की शादी करवा दी । जागरण आर्काइव

मंडी, जागरण संवाददाता। मंडी जिला में पढऩे-लिखने वाली उम्र में बेटियों के हाथ पीले करने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला गोहर उपमंडल का है। यहां स्वजन ने 15 साल की बेटी की शादी कर दी। उसके पेट में आठ माह का गर्भ पल रहा है। अन्य मामलों की तरह यहां भी आंगनबाड़ी व आशा की लापरवाही सामने आई है। नाबालिग का जच्चा-बच्चा कार्ड बना दिया गया, लेकिन किसी ने उसकी सही उम्र जानना व उच्च अधिकारियों को बाल विवाह से संबंधित जानकारी देना उचित नहीं समझा।

चाइल्डलाइन ने सूचना मिलने पर बाल संरक्षण इकाई की मदद से नाबालिग को वीरवार देर शाम उसके ननिहाल से रेस्क्यू किया। शुक्रवार को नाबालिग को बाल कल्याण समिति मंडी के समक्ष पेश किया। समिति ने शपथपत्र लेकर नाबालिग को उसकी मां के संरक्षण में सौंप दिया है। सीडीपीओ गोहर को मामले की जांच कर स्वजन के विरुद्ध बाल विवाह निषेध अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज करवाने की सिफारिश की गई है। स्वजन ने नाबालिग बेटी की शादी गत वर्ष नवंबर में करवाई थी। सूचना मिलने पर नाबालिग को रेस्क्यू करने चाइल्डलाइन की टीम उसके ससुराल गई, लेकिन वहां नहीं मिली। इसके बाद टीम उसके मायके पहुंची। नाबालिग वहां भी नहीं थी। सख्ती से पूछताछ करने पर स्वजन ने नाबालिग के उसके ननिहाल में होने की बात बताई। टीम ने वहां जाकर उसे रेस्क्यू कर लिया। चाइल्डलाइन मंडी के समन्वयक अच्छर ङ्क्षसह ने नाबालिग को रेस्क्यू किए जाने की पुष्टि की है।

बल्ह में नाबालिग से शादी के मामले आरोपित गिरफ्तार, अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा

मंडी जिला के बल्ह उपमंडल की एक नाबालिग की शादी व बच्चे को जन्म देने के मामले में नया मोड़ आ गया है। बल्ह पुलिस ने जांच के बाद आरोपित पर दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपित को न्यायिक हिरासत में मंडी जेल भेज दिया है।

बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) सदर की शिकायत पर पुलिस ने पहले नाबालिग व आरोपित के स्वजन के विरुद्ध बाल विवाह का केस दर्ज किया था। बाल कल्याण समिति ने नाबालिग को बच्चे सहित दोबारा उसकी मां के संरक्षण में सौंप दिया है। समिति ने नाबालिग के बालिग होने तक उसकी मां को सही देखभाल करने के निर्देश दिए हैं। करीब डेढ़ साल पहले भी समिति ने शपथपत्र लेकर नाबालिग को उसकी मां के संरक्षण में सौंपा था। मां ने उसकी देखभाल पर कोई ध्यान नहीं दिया। वह घर से चली गई और आरोपित के साथ रहने लगी। गत माह उसने नागरिक अस्पताल सुंदरनगर में एक बच्चे को जन्म दिया था। इसका पता चलने पर चाइल्डलाइन व बाल संरक्षण इकाई ने स्थानीय आंगनबाड़ी, आशा व सीडीपीओ सदर से जवाब तलब किया था। बाल कल्याण समिति को वस्तुस्थिति से अवगत करवाया गया था। सीडीपीओ सदर ने जांच के बाद दोनों के स्वजन के विरुद्ध बाल विवाह का केस दर्ज करवाया था।

आरोपित के विरुद्ध दुष्कर्म व पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

-अनिल पटियाल, डीएसपी लीव रिजर्व मंडी