Anganwadi Recruitment 2025: हमीरपुर में आंगनबाड़ी में भर्ती की तारीख बढ़ी, जानिए अब कब तक कर सकते हैं आवेदन
हिमाचल प्रदेश (Himachal News) के हमीरपुर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका के पदों (Anganwadi Bharti) के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च कर दी गई है। पात्र और इच्छुक महिलाएं अब 22 मार्च शाम 5 बजे तक सीडीपीओ कार्यालय टौणी देवी में अपने आवेदन जमा करवा सकती हैं। वहीं दस्तावेजों के सत्यापन साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया की तिथि 27 मार्च को निर्धारित की गई है।

जागरण संवाददाता, हमीरपुर। हिमाचल के हमीरपुर जिले के ग्राम पंचायत समीरपुर के आंगनबाड़ी केंद्र जोल दर्जियां, ग्राम पंचायत कालेअंब के आंगनबाड़ी केंद्र भलेड़ा, ग्राम पंचायत कक्कड़ के आंगनबाड़ी केंद्र छंब व ग्राम पंचायत लग-कढि़यार के आंगनबाड़ी केंद्र कढियार में आंगनबाड़ी सहायिका के एक-एक पद के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 22 मार्च कर दी गई है।
इस वजह से बढ़ाई गई तिथि
टौणी देवी खंड के बाल विकास परियोजना अधिकारी कुलदीप सिंह चौहान ने बताया कि इन पदों के लिए पात्र एवं इच्छुक महिलाओं से 17 मार्च तक आवेदन आमंत्रित किए गए थे।
लेकिन, बीते दिनों कानूनगो एवं पटवारियों की हड़ताल के कारण कई उम्मीदवारों को आय प्रमाण पत्र बनवाने में दिक्कतें आ रही थीं।
साक्षात्कार और चयन की की तिथि भी बढ़ी
इसलिए, अब आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब ये आवेदन 22 मार्च शाम पांच बजे तक सीडीपीओ कार्यालय टौणी देवी में जमा करवाए जा सकते हैं। इसी प्रकार दस्तावेजों के सत्यापन, साक्षात्कार और चयन की प्रक्रिया की तिथि को 20 मार्च के बजाय 27 मार्च को निर्धारित किया गया है।
कांगड़ा में हक के लिए सड़क पर उतरीं आगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ता
वहीं, एक दूसरे खबर की बात करें तो कांगड़ा जिले के फतेहपुर में हिमचाल सरकार के बजट में संशोधन को लेकर मंगलवार को भामसं के प्रदेश अध्यक्ष मदन राणा की अगुवाई में आगनबाड़ी व आशा वर्कर सड़कों पर उतर आई हैं। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले जिला कांगडा के फतेहपुर विधानसभा के बाजार में रैली निकाल कर तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन दिया गया।
इससे पूर्व दो घंटे तहसील परिसर मे सांकेतिक धरना दिया। भामसं के प्रदेशाध्यक्ष मदन राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 19000 आंगनबाडी कार्यकर्ताओं व सहायिकों और मिड-डे मिल वर्कर का महंगाई के दौर में 500 से 300 रुपये बढ़ाया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं व मिड-डे मिल वर्कर को सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और जब तक इनको सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं किया जाता तब तक बजट में संशोधन करके इनका मानदेय 24000 रुपये किया जाए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं भामसं की प्रदेश उपाध्यक्ष शोभा धीमान ने कहा कि मात्र 500 रुपये बढ़ाकर सरकार उनका शोषण कर रही है।
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