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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hamirpur: मानव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है बाजरा, सोरघम के CEO नैट ब्लूम ने कहा- मोटे अनाजों को देना है बढ़ावा

Published: Tue, 06 Feb 2024 03:48 PM (IST)

अमेरिका के सोरघम के सीईओ नैट ब्लूम का कहना है कि गेहूं और चावल की तुलना में मोटे अनाज उगाना ...और पढ़ें

सोरघम के CEO नैट ब्लूम ने कहा- मोटे अनाजों को देना है बढ़ावा (File Photo)
सोरघम के CEO नैट ब्लूम ने कहा- मोटे अनाजों को देना है बढ़ावा (File Photo)

पीटीआई, हमीरपुर। मानव शरीर वैसे तो अनाज खाने के लिए एकदम अनुकूल है, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि कौन से अनाजों से इंसान के शरीर को ज्यादा पोषक तत्व मिलते हैं। आइये जानते हैं कि अमेरिका के सोरघम के सीईओ नैट ब्लूम ने अनाजों को लेकर क्या कहा है। ब्लूम का कहना है कि गेहूं और चावल की तुलना में मोटे अनाज उगाना और खाना अधिक सुविधाजनक है और बाजरा में उच्च पोषण होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। ये मोटे अनाज हमारे शरीर को कई बीमारियों से लड़ने की ताकत देते हैं। 

इंटरनेशनल डैकेड्स ऑफ मिलेट्स प्रोग्राम 2024-34 के तहत आयोजित करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ बातचीत के दौरान नैट ब्लूम, इंडिया मिलेट इनिशिएटिव के अध्यक्ष डॉ. सत्येन यादव और उनके सलाहकार ने सोमवार शाम और मंगलवार को उनके साथ बातचीत की।

बाजरे के बजट को बढ़ाने के लिए शुरू की श्री अन्न योजना

केंद्र सरकार ने अपने बजट में बाजरे को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना शुरू की है। इसके लिए सोरघम यूनाइटेड और इंडिया मिलेट इनिशिएटिव जैसे भारत-अमेरिकी संगठनों ने अंतर्राष्ट्रीय बाजरा दशक 2024-2034 लॉन्च किया है।

मोटे अनाजों को लेकर जागरूकता फैलाई गई

वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय पौष्टिक अनाज वर्ष के रूप में मनाया गया और इस कार्यक्रम के तहत लोगों के बीच मोटे अनाज के बारे में जागरूकता फैलाई गई, ताकि इसे अपने आहार में शामिल करके स्वास्थ्य में सुधार किया जा सके।

ज्वार-बाजरा के अधिक उत्पादन के लिए MOU किया साइन

इससे पहले, मूल्य वर्धित भोजन में ज्वार और बाजरा को बढ़ावा देने के अवसर पैदा करने के लिए डॉ. सत्येन यादव, नैट ब्लूम और करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी, हमीरपुर के कुलपति डॉ. संजीव शर्मा के बीच उपभोक्ताओं के लिए ईंधन और फाइबर अनुप्रयोग के एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। 

भारत में होती है इस बाजरे की फसल

भारत में उपलब्ध कुछ सामान्य बाजरा में रागी (फिंगर बाजरा), ज्वार (ज्वार), छोटा बाजरा, बाजरा (मोती बाजरा) और प्रोसो बाजरा शामिल हैं।

131 देशों में की जाती है इनकी खेती 

इनकी खेती लगभग 131 देशों में की जाती है और यह एशिया और अफ्रीका के लगभग 600 मिलियन लोगों का पारंपरिक भोजन है। भारत, नाइजीरिया और चीन दुनिया में बाजरा के सबसे बड़े उत्पादक हैं। बाजरा कैल्शियम और मैग्नीशियम से भी भरपूर होता है। उदाहरण के लिए, रागी को सभी अनाजों में कैल्शियम का सबसे समृद्ध स्रोत माना जाता है।

प्रजनन के दौरान महिलाओं और शिशुओं को एनेमिक होने से रोकती है

विशेषज्ञों ने कहा कि बाजरा पोषण संबंधी सुरक्षा प्रदान करता है और विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं में पोषण संबंधी कमी के खिलाफ ढाल के रूप में कार्य करता है। उन्होंने कहा कि इसमें मौजूद उच्च आयरन सामग्री भारत में प्रजनन अवधि के दौरान महिलाओं और शिशुओं में एनीमिया के उच्च प्रसार को रोकने में सक्षम है।

बाजरा बहुत कम या बिना बाहरी रखरखाव वाली खराब मिट्टी में पनपता है, कम पानी की खपत करता है और बहुत कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उगने में सक्षम है।