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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Manimahesh Yatra 2024: मणिमहेश में उमड़ा शिवभक्‍तों का सैलाब, एक लाख श्रद्धालुओं ने डल झील में लगाई आस्‍था की डुबकी

Published: Tue, 27 Aug 2024 10:26 AM (GMT+05:30)

Manimahesh Yatra 2024 हिमाचल में मणिमहेश यात्रा शुरू हो गई है। कृष्‍ण जन्‍माष्टमी के पर्व पर एक लाख से ज्‍यादा ...और पढ़ें

मणिमहेश जाने के लिए धनछो के नीचे रास्ते में उमड़ी ​शिवभक्तों की भीड़
मणिमहेश जाने के लिए धनछो के नीचे रास्ते में उमड़ी ​शिवभक्तों की भीड़

HighLights

  1. 11 सितंबर तक चलेगी मणिमहेश यात्रा
  2. 420 श्रद्धालुओं ने किया हवाई सफर

जागरण संवाददाता, भरमौर (चंबा)। उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा आधिकारिक रूप से सोमवार से शुरू हो चुकी है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 13500 फीट की ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश की पवित्र डल झील में लगभग एक लाख श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई।

श्रद्धालुओं ने झील में स्नान कर कमाया पुण्‍य

छोटे शाही न्हौण (स्नान) का शुभ मुहूर्त सोमवार तड़के 3.40 से शुरू होकर सोमवार दोपहर 2.20 बजे तक चला। इन 10 घंटा 40 मिनट के समय में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने झील में स्नान कर पुण्य कमाया। मणिमहेश यात्रा 11 सितंबर तक चलेगी। हिमाचल के अलावा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के कोने-कोने से शिवभक्त मणिमहेश पहुंच रहे हैं।

सैकड़ों यात्री पहुंच रहे मणिमहेश

प्रशासन की ओर से मणिमहेश यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था की गई है मगर कुछ यात्री बिना पंजीकरण के भी मणिमहेश पहुंच रहे हैं। भरमौर, हड़सर, धनछो, गौरीकुंड के रास्ते ही नहीं वाया कुगती व कलाह होते हुए भी सैकड़ों यात्री मणिमहेश पहुंच रहे हैं।

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इस मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था व अन्य सुविधाएं कम होती हैं। इस मार्ग से जाने वाले यात्री बिना पंजीकरण के ही मणिमहेश पहुंचते हैं। यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर 700 पुलिस व होमगार्ड के जवान तैनात किए गए हैं।

धुंध ने सुबह के समय रोकी उड़ानें

भरमौर सहित जिले के अन्य क्षेत्रों में सोमवार सुबह के समय मौसम प्रतिकूल रहा। इस कारण हेलीकॉप्टर की उड़ानें नहीं हुई। दोपहर के समय मौसम साफ होने पर उड़ानें शुरू हो पाईं। दोपहर बाद कई श्रद्धालु हेली टैक्सी में भरमौर से गौरीकुंड पहुंचे। सोमवार को 35 हवाई उड़ानें हुईं। 420 श्रद्धालुओं ने हवाई सफर किया।

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टोल फ्री नंबर जारी

प्रशासन की ओर से किसी भी आपदा से निपटने के लिए टोल फ्री नंबर जारी किए गए हैं। किसी तरह की आपदा के समय श्रद्धालु आपदा प्रबंधन के टोल फ्री नंबर 1077 व वाटसएप नंबर 98166-98166 व नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 01895-225027 पर जानकारी दे सकते हैं।