Himachal Earthquake: बाढ़-भूस्खलन के बीच अब नई मुसीबत, चंबा में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके; घरों से बाहर आए लोग
Himachal Earthquake News हिमाचल प्रदेश में मानसून के बीच चंबा में भूकंप के झटके महसूस किए गए जिनकी तीव्रता 3.5 मापी गई। भूकंप का केंद्र चंबा में जमीन से 5 किलोमीटर नीचे था। हालांकि भूकंप से किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि तीव्रता कम होने के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ।

राज्य ब्यूरो, शिमला। Chamba Earthquake: हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश के बीच भूकम्प के झटके लगे हैं। पर्वतीय जिला चम्बा में शुक्रवार सुबह भूकम्प के हल्के झटकों से धरती हिली। भूकम्प की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.5 रही। ये झटके सुबह 6 बजकर 23 मिनट पर कुछ सेकंड तक रहे। इसका असर चम्बा जिला व आसपास के इलाकों में महसूस किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक भूकम्प का केंद्र चम्बा में 32.36 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.18 डिग्री पूर्वी देशांतर पर रहा और इसकी गहराई जमीन की सतह से पांच किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया। भूकंप के झटकों के कारण किसी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि भूकम्प की तीव्रता कम होने की वजह से चम्बा जिला व साथ लगते क्षेत्रों में किसी तरह के नुकसान की रिपोर्ट नहीं है। इससे पहले भी चम्बा जिला में कई बार कम तीव्रता के भूकम्प के झटके लग चुके हैं। हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कई सालों से भूकम्प के झटके लग रहे हैं। भूकंप का लगातार आना लोगों को दहशत में डाल रहा है।
उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश भूकम्प की दृष्टि से अति संवेदनशील जोन 4 व 5 में शामिल है। यहां कई वर्षों से भूकम्प के हल्के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। वर्ष 1905 में कांगड़ा व चम्बा जिलों में आये विनाशकारी भूकंप से 10 हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे।
प्रदेश में 16 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आज भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। आगामी 16 जुलाई तक राज्य के कुछ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। राजधानी शिमला सहित अन्य इलाकों में आज बादल छाए हैं, हालांकि बीती रात बारिश हुई।
बता दें कि इस बार प्रदेश भर में मानसून की जमकर बारिश हो रही है। जुलाई महीने में मानसून की सामान्य से 23 फीसदी ज्यादा वर्षा हो चुकी है।
नसून ने 20 जून को दस्तक दी थी और अब तक वर्षा जनित हादसों में 91 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे ज्यादा तबाही मंडी जिला में हुई है, जहां 30 जून की रात बादल फटने की 12 घटनाओं से जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। जिला में अब तक 21 लोगों की मौत हुई है और 27 लापता हैं।
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