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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सूचना का अधिकार अधिनियम की दी जानकारी

By JagranEdited By:
Published: Thu, 14 Sep 2017 06:49 PM (IST)

संवाद सहयोगी, चंबा : एक्शनएड एवं यूरोपियन यूनियन के तत्वावधान में वीरवार को आरटीआइ व एलबैग

सूचना का अधिकार अधिनियम की दी जानकारी
सूचना का अधिकार अधिनियम की दी जानकारी

संवाद सहयोगी, चंबा : एक्शनएड एवं यूरोपियन यूनियन के तत्वाधान में वीरवार को आरटीआइ व एलबैग पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर जिला मुख्यालय में आयोजित किया गया। शिविर 30 प्रशिक्षु भाग ले रहे हैं, जो अठलुई, कीड़ी, पल्यूर, सिल्लाघ्राट, जडेरा, बरौर, बाट, बकाणी, उटीप व कैला आदि क्षेत्रों से संबंधित हैं। सत्र के पहले दिन आरटीआइ विशेषज्ञ प्यार मोहम्मद ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर आरटीआइ लगानी है तो पंचायत के सचिव ही सहायक जन सूचना अधिकारी होता है। इसके बाद ब्लॉक स्तर पर सूचना अधिकारी जिलास्तर पर प्रथम अपील अधिकारी तथा राज्य सूचना आयोग शिमला में दूसरी अपील कर सकते हैं। 30 दिन के भीतर सूचना मिल सकती है। सूचना न मिलने पर जुर्माना होता है। सूचना का अधिकार अधिनियम से लोगों को जानकारी लेने के लिए काफी सहूलियत हो गई है। पहले जहां विभागों के बारे में जानकारी प्राप्त करना न के बराबर होता था। वहीं सूचना का अधिकार अधिनियम बनने के बाद अब यह आसान हो गया है। इससे विभागों तथा पंचायतों द्वारा किए जा रहे कार्यो के बारे में जानकारी मांग सकते हैं, कितना पैसा आया और कितना खर्च किया गया, इसका भी पता चलता है। प्रशिक्षण के दौरान एक्शनएड जिला समन्वयक विपिन ने सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में अवगत करवाया। इस अवसर पर अशोक कुमार, मोहम्मद रफी, सकीना, शोभा, शीना, चूहड़ू राम आदि उपस्थित रहे।