NH निर्माण में सहयोग नहीं कर रही प्रदेश सरकार, अधिकारी को पीटने के मामले में भी JP Nadda की कड़ी टिप्पणी
JP Nadda भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने शनिवार को प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा है। एनएच प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर नड्डा तलख दिखे। प्रदेश सरकार समधो और काज़ा सड़क के लिए वन विभाग की मंजूरी ही नहीं दे रही है। जिस सरकार में रक्षक की भक्षक हो जाए तो उससे क्या आशा की जा सकती है नड्डा
जागरण संवाददाता, बिलासपुर। JP Nadda, जेपी नड्डा ने कहा कि शिमला के भट्ठाकुफर में एनएचएआइ अधिकारियों से मारपीट का मामला चिंताजनक है। इस तरह की घटनाओं से एक तो देवभूमि संस्कृति को धक्का लगता है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार में रक्षक की भक्षक हो जाए तो उससे क्या आशा की जा सकती है। जिनके हाथों में कानून की रक्षा का जिम्मा है, वे अपने हाथों में कानून ले लें, ये कैसी सरकार चल रही है, यह इसका जीता जागता नमूना है।
प्रदेश में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास कार्यों में प्रदेश सरकार के सहयोग को लेकर संतुष्ट नहीं दिखे। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में जिस मामले में सहयोग नहीं मिला है उसको लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा जाएगा और उनसे बात भी करेंगे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 23 अप्रैल 2024 को एक अधिसूचना जारी हुई है इसके मुताबिक राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए जो क्रशर और हाट मिक्सिंग प्लांट लगते हैं उसके लिए भी हर साल अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया है हालांकि ये उद्योग की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसकी हर साल की अनुमति की प्रक्रिया को बंद करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि समधो और काज़ा सड़क का निर्माण बीआरओ को करना था। इस सड़क का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सड़क के लिए वन विभाग की मंजूरी लेनी है, जो राज्य सरकार की ओर से दी जानी है, इसकी अभी तक मंजूरी नहीं दी गई है। इसको लेकर भी वह बात करेंगे मुख्यमंत्री से बात करेंगे। नड्डा ने व्यास नदी पर ड्रेजिंग न होने को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि राज्य सरकार को इस दिशा में काम करना चाहिए। यदि इसे नहीं किया गया तो आने वाले समय में काफी परेशानियां हो सकती है।
हिमाचल सरकार पर हमला करते हैं उन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में मिले हुए बजट को अभी तक खर्च नहीं कर पा रही है। केंद्र सरकार की ओर से आयुष्मान इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए दिए गए पैसे का 21 प्रतिशत ही खर्च हुआ है। 15वें वित्त आयोग में स्वास्थ्य के क्षेत्र में कितना पैसा दिया था, वह 25 प्रतिशत ही खर्च हुआ है और इसकी अवधि 2025 में खत्म हो जाएगी। ऐसे में सरकार को इस दिशा में बेहतर काम करना चाहिए।
जनप्रतिनिधियों के परामर्श से बनेगी एनएच की डीपीआर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भविष्य में किसी तरह का विवाद राष्ट्रीय राजमार्ग बनाते ना हो इसलिए डीपीआर बनाते समय जनप्रतिनिधि की सलाह भी ली जाएगी। उन्होंने कहा कि हर मामले को एक नजर से नहीं देखा जा सकता। है। मंडी की त्रासदी दुखद है। इसके लिए केंद्र पूरी तरह से हिमाचल सरकार और मंडी के साथ खड़ी है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहने थे लेकिन मंडी में व्यवस्तता के कारण कार्यक्रम में मौजूद नहीं रह पाए।
कंगना रनौत के साथ किसी तरह के समन्वय की कमी नहीं
जेपी नड्डा ने कहा कि सांसद कंगना रनौत मंडी पहुंच रही हैं। उनके साथ समन्वय की कोई कमी नहीं है। सभी भाजपा के नेता मिलकर इस त्रासदी में जनता के साथ काम कर रहे हैं।
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