जागरण संवाददाता, यमुनानगर :

बूड़िया थाना क्षेत्र के गांव कनालसी से खनन के वाहनों को निकाले जाने पर विवाद हो गया। ग्रामीणों ने पंचायती रास्ते को बंद करा दिया। आरोप था कि खनन के वाहनों की वजह से सड़क टूट रही है। हर समय वाहनों का शोर आता रहता है। इस वजह से परेशानी होती है। धूल व मिट्टी की वजह से फसलें खराब हो रही हैं। हंगामा बढ़ने पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन ग्रामीणों ने रास्ता नहीं खोला और वाहनों को नहीं निकलने दिया गया।

कनालसी घाट में खनन कंपनियों ने ठेका ले रखा है। यहां से निकलने वाले वाहन पंचायती रास्ते से ही गुजरते हैं। कुछ समय पहले तक यह वाहन खूब निकलते थे। अब कई दिनों से ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीण किरणपाल राणा, पंकज, प्रदीप व सुरेश का कहना है कि यह सड़क पंचायत की है। खनन एजेंसी को अपने के लिए अलग रास्ता बनाना चाहिए। वाहनों की वजह से यह रास्ता टूट रहा है। हालात ऐसे हो गए हैं कि यहां से पैदल भी निकलना मुश्किल है। अब वाहनों को यहां से नहीं निकलने दिया जाएगा। वहीं बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले तक खनन एजेंसी ग्रामीणों से रॉयल्टी का पैसा नहीं लेती थी। गांव के कुछ लोग भी खनन का कार्य करते थे। अब खनन एजेंसी ने सभी से रॉयल्टी लेनी शुरू कर दी है। जिस वजह से यह विवाद हुआ है।

खनन माफिया ने गोचरान की भूमि को खोद डाला

संस, बिलासपुर : थाना क्षेत्र के गांव काठगढ के गोचरान की भूमि पर अवैध खनन हो रहा है। इस मामले में ग्रामीणों की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव काठगढ के पास निजी कंपनी ने खनन का ठेका लिया हुआ है, लेकिन कंपनी गोचरान की जमीन पर भी खनन कर रही है। जिससे पास लगती कृषि योग्य भूमि के किनारे ढहने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण ओम प्रकाश ने बताया कि गांव की गोचरान भूमि के पास उनकी दस कनाल जमीन है, लेकिन खनन माफिया ने अवैध तरीके से गोचरान की जमीन पर 30 से 35 फीट तक गहरे खड्डे खोद डाले हैं। जिस कारण पास लगती खेती योग्य भूमि के किनारे ढहने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीण बचना राम, मिटू, फकीर चंद, जसबीर, सतीश कुमार का कहना है कि यदि इसी तरह से खनन होता रहा, तो बरसाती सीजन में गांव में सोम नदी से बाढ़ का भी खतरा बना हुआ है।

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