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    खुशखबरी! हरियाणा में बेटियों की शादी के लिए मिलेंगे 71 हजार रुपये, बस करना होगा ये काम

    Updated: Mon, 20 Jan 2025 03:37 PM (IST)

    मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना हरियाणा सरकार की एक पहल है जो समाज के सभी वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजनों की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करती है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति विमुक्त जाति टपरीवास जाति पिछड़े वर्ग सामान्य वर्ग विधवा अनाथ तलाकशुदा बेसहारा महिलाओं और उनके बच्चों की बेटियों की शादी के लिए अनुदान राशि प्रदान की जाती है।

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    सीएम विवाह शगुन योजना आर्थिक रूप से कमजोर सभी वर्गों के लिए एक सशक्त प्रयास है। प्रतिकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, यमुनानगर। सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों की बेटियों और दिव्यांगजन की शादी में आर्थिक सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना संचालित की जा रही है।

    यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने और बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन देने का एक सराहनीय प्रयास है।

    71 हजार रुपये तक प्रदान की जारी है अनुदान राशि

    डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना समाज में समानता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहायता प्रदान करना और बेटियों की शादी में आर्थिक चिंताओं को कम करना है।

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    उन्होंने सभी पात्र परिवारों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाएं और अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित और खुशहाल बनाएं।

    कहा कि इस योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि प्रदान की जाती है, जिसमें अनुसूचित जाति, विमुक्त जाति, टपरीवास जाति के लाभार्थियों (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) की बेटियों के विवाह पर 71,000 अनुदान राशि प्रदान की जाती है और पिछड़े वर्ग और सामान्य वर्ग के व्यक्तियों (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) की बेटियों के विवाह पर 41,000 अनुदान राशि दी जाती है।

    दिव्यांग वर-वधू को दी जाती है 41 हजार रुपये की राशि

    उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की विधवा, अनाथ, तलाकशुदा, बेसहारा महिलाओं और उनके बच्चों की बेटियों की शादी के लिए 51,000 अनुदान राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि खिलाड़ी महिलाओं (जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये तक हो) की शादी के लिए भी 41,000 की सहायता राशि दी जाती है।

    इसके साथ-साथ इस योजना के तहत यदि विवाह में दोनों वर-वधू दिव्यांग हैं, तो उन्हें 51,000 अनुदान राशि दी जाएगी। अगर केवल एक वर या वधू दिव्यांग है, तो 41,000 की अनुदान राशि दी जाएगी।

    शादी के 6 महीने के अंदर करनावा होगा पंजीकरण 

    डीसी ने कहा कि इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपनी बेटी के विवाह के बाद 6 माह के भीतर विवाह पंजीकरण करवाना अनिवार्य है।

    योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया गया है। आवेदक पोर्टल पर जाकर विवाह पंजीकरण और मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के लिए आवेदन कर सकते है।

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