Yamunanagar: जहरीली शराब कांड में आरोपित कांग्रेस नेता मांगे राम निलंबित, प्रदेश अध्यक्ष ने जारी किए आदेश
यमुनानगर में हुए जहरीली शराब कांड में कांग्रेसी नेता मांगे राम की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान ने उसे पार्टी से निलंबित कर दिया है। आपको बता दें कि यमुनानगर जिले के गांव माडूपुर निवासी मांगे राम पीसीसी डेलीगेट था और इसकी जानकारी कांग्रेस मुख्यालय की तरफ से जारी की गई। मांगे राम का नाम जहरीली शराब कांड में आया।
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Congress Leader Suspended In Poisonous Liquor Scandal: यमुनानगर में हुए जहरीली शराब कांड में कांग्रेस नेता मांगे राम (Mange Ram) की गिरफ्तारी के बाद हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी उदयभान (Haryana Congress President Chaudhary Udaybhan) ने उसे पार्टी से निलंबित कर दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं।
कांग्रेस मुख्यालय से जारी की गई जानकारी के अनुसार यमुनानगर जिले के गांव माडूपुर निवासी मांगे राम पीसीसी डेलीगेट था। मांगे राम का नाम जहरीली शराब कांड में आ गया है। इस घटना में अब तक 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।
गृहमंत्री अपने पद से दें इस्तीफा- उदयभान
कांग्रेस पार्टी ने मांगेराम माडूपुर को पार्टी के पदों से निलंबित कर दिया है। साथ ही उदयभान ने कहा कि गृहमंत्री अनिल विज (Anil Vij) कभी स्वयं को गब्बर तो कभी बब्बर कहलवाते हैं, लेकिन उनसे डरती चिड़िया भी नहीं है।
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पुलिस के संरक्षण के बिना यमुनानगर जिले में अवैध व जहरीली शराब नहीं बिक सकती। इसलिए दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अनिल विज को स्वयं इन मौतों की जिम्मेदारी लेते हुए गृह मंत्री के पद से इस्तीफा देना चाहिए।
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राज्य कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने पुलिस की मिलीभगत का लगाया आरोप
दूसरी तरफ, हरियाणा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश में सत्ता पक्ष और पुलिस की मिलीभगत से ही नशे का अवैध धंधा जारी है। अगर पुलिस चाहे तो उसकी बिना मर्जी के पत्ता तक नहीं हिल सकता। शराब कांड पीड़ित ने अपने बयान में शराब बेचने वाले और उन्हें संरक्षण देने वालों के नाम तक बताए है।
सिरसा के नशा मुक्ति केंद्र में पिछले दिनों मुख्यमंत्री के समक्ष भी एक पीड़ित मरीज ने बताया था कि नशा तस्करों को पुलिस का संरक्षण मिला हुआ है। दो दिन पूर्व सिरसा के रोड़ी क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई क्योंकि उसने पुलिस को नशा तस्करों के बारे में जानकारी दी थी। एक ओर पुलिस दावा करती है कि सूचना देने वालों का नाम पता गुप्त रखा जाएगा और दूसरी ओर पुलिस ही नशा तस्करों को सूचना देने वाली की पूरी कुंडली थमा देती है।
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