जागरण संवाददाता, यमुनानगर : सिविल अस्पताल जगाधरी के पार्क में मिली तीन दिन की नवजात फिलहाल चाइल्डलाइन की निगरानी में है। उसका उपचार कराया जा रहा है। चाइल्डलाइन की टीम ने नवजात को यहां पर छोड़ने वाली उसकी दादी और मां की काउंसलिग की है। कोशिश की जा रही है कि वह बच्ची को चाइल्डलाइन के सुपुर्द कर दें, क्योंकि अभी नवजात की सुरक्षा को लेकर भी विभाग को चिता है। चाइल्डलाइन की निदेशिका डा. अंजू वाजपेयी ने बताया कि अभी नवजात को मंगलवार तक यहीं पर रखा जाएगा। इसके साथ ही चाइल्ड वेलफेयर कमेटी अंबाला को भी इस बारे में लिख दिया है। जिससे वह भी नवजात के परिवार की काउंसलिग कर सके, क्योंकि परिवार नवजात को लेने के लिए तैयार है।

पांच दिन पहले सिविल अस्पताल जगाधरी के पार्क में तीन दिन की नवजात कपड़ों से ढकी हुई मिली थी। उनमें एक कंबल पर शहर के चड्ढा अस्पताल का नाम लिखा हुआ था। इसके आधार पर ही चाइल्डलाइन की टीम ने जांच शुरू की। जब जांच की, तो पता लगा कि नवजात बच्ची को उसकी दादी यहां पर छोड़कर गई है। महिला के पति की मौत हो गई थी। जिससे पहले ही उसे एक बेटी है। पति की मौत के बाद सास ने पुत्रवधु की देवर के साथ दूसरी शादी करा दी। दोनों की आयु में भी काफी फर्क है। महिला जहां करीब 42 साल की है। उसके देवर की आयु 22 वर्ष है और वह मानसिक रोगी है। महिला को यहां पर जुड़वा बेटी पैदा हुई थी। एक बेटी के पैरों में टेढ़ापन होने पर उसकी दादी यहां छोड़कर चली गई थी। चाइल्डलाइन ने नवजात के स्वजनों की काउंसलिग की, तो सामने आया कि जिला अंबाला के एक गांव में रहने वाला यह परिवार बेहद गरीब है। तीन बच्चों का खर्च वहन न हो। इसलिए यहां पर छोड़कर चले गए। हालांकि अब मामला खुलने पर वह बच्ची को ले जाने के लिए तैयार हैं, लेकिन चाइल्डलाइन बच्ची की सुरक्षा को लेकर आशंकित हैं। जिस वजह से अभी नवजात को उन्हें नहीं दिया गया।

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