जागरण संवाददाता, यमुनानगर। जगाधरी शहर थाना क्षेत्र में ईंट भट्ठे पर आठ वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के आरोपित उत्तर प्रदेश के जिला ओरेया के गांव बरेहवा निवासी धर्मवीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपित गांव में भागने की तैयारी में था। पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया।

थाना शहर जगाधरी के प्रभारी इंस्पेक्टर सुरेश शर्मा ने बताया कि आरोपित को एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। आरोपित से पूछताछ की जाएगी कि इस वारदात में उसके साथ कोई और तो नहीं था। यह भी देखना होगा कि उसने नशे में तो यह वारदात नहीं की, क्योंकि मासूम पूरी तरह से खून से लथपथ थी। उधर, मामले की सूचना पर शनिवार दोपहर चाइल्ड हेल्पलाइन की डायरेक्टर अंजू वाजपेई ने टीम सहित घटनास्थल का दौरा किया। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर थाना क्षेत्र का एक परिवार यमुनानगर में जगाधरी रोड पर ईंट भट्ठे पर मजूदरी करता है। परिवार में आठ साल की एक बच्ची भी है।

बिजली की दुकान पर होल्डर लेने भेजा था

बच्ची को उसकी मां ने रात को पास में ही बिजली की दुकान पर बल्ब का होल्डर लेने के लिए भेजा था। कुछ देर बाद वह रोते हुए घर पहुंची, तो पता लगा कि बच्ची के साथ धर्मवीर ने गलत काम किया है। बच्ची खून से लथपथ थी। रात को उसकी हालत हालत बिगड़ने पर अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से उसे पीजीआइ रेफर किया गया है। फिलहाल बच्ची की हालत में सुधार है। पुलिस भी रोजाना फीडबैक ले रही है। आरोपित भी यही ईंट भट्ठे पर कार्य करता है।

चाइल्डलाइन टीम ने की बच्चों से बात

 शनिवार को चाइल्डलाइन की टीम घटनास्थल पर पहुंची। 17 बच्चों व उनके परिवारों से बात की। निदेशिका डा. अंजू वाजपेई ने बताया कि यहां पता लगा कि भट्ठे पर रहने वाले परिवारों को कोरोना वैक्सीन भी नहीं लगी है। वहीं बातचीत में सामने आया कि इस घटना के लिए लेबर के ठेकेदार और भट्टा मालिक भी जिम्मेदार है। उनसे भी पूछताछ की जानी चाहिए। यदि उनके स्तर पर कोई गलती है, तो कार्रवाई की जाए। लेबर वेलफेयर और सुरक्षा के लिए मालिक की जवाबदेही और जिम्मेदारी है। लेबर और ठेकेदार की पुलिस वेरिफिकेशन की भी जांच होनी चाहिए।

भट्ठा मालिक का फोन मिला बंद

जब टीम यहां पर पहुंची, तो भट्ठा मालिक का फोन बंद मिला और ठेकेदार भी मौके पर नहीं मिला। माता पिता भट्ठा पर चले जाते हैं। इसके बाद बच्चे क्या कर रहे हैं। इस पर कोई ध्यान नहीं देता। यह लापरवाही ही भारी पड़ती है। इस बारे में भी जिला प्रशासन से बात की जाएगी, ताकि बच्चों को सुरक्षित माहौल दिया जा सके।