रिश्वत लेने वाले क्लर्क पर गिरी गाज, VIDEO बना सबूत; 15 हजार रुपये में तय हुआ था सौदा
सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के लिए रिश्वत लेने के आरोप में एक क्लर्क को निलंबित कर दिया गया है। मोहन नगर के विनोद ने अपनी प्रॉपर्टी आईडी में गलती सुधारने के लिए क्लर्क हरिओम को 15,000 रुपये दिए थे। विनोद ने रिश्वत लेते हुए का वीडियो बनाया और नगर निगम आयुक्त को भेजा। जांच के बाद, सबूतों के आधार पर आरोपित क्लर्क को निलंबित कर दिया गया।
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जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत में प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने की एवज में रुपये के लेनदेन की वीडियो सामने आने के बाद अब आरोपित क्लर्क पर गाज गिरी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आरोपित को निलंबित कर दिया गया है।
इस मामला सामने आने के आने के बाद निगम आयुक्त ने संयुक्त आयुक्त को मामले की जांच सौंपी थी। जिसके बाद बुधवार को संयुक्त आयुक्त ने आयुक्त हर्षित कुमार को जांच सौंपी। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। मोहन नगर के रहने वाले विनोद का कॉलोनी में 211 वर्ग गज का प्लॉट है।
विनोद ने बताया था कि निगम में उसकी प्रॉपर्टी आईडी पर पड़ोसी का प्लॉट दर्शाया जा रहा है। इस गलती को ठीक कराने के लिए वह और उसका भतीजा रोहित दो माह से निगम के चक्कर लगा रहे थे। चपरासी के कहने पर उसने निगम के क्लर्क हरिओम से बात की। उसने गलती ठीक कराने की एवज में 20 हजार रुपये मांगे। बातचीत के बाद 15 हजार में सौदा तय हुआ।
आरोपित ने कहा कि वह अपने हिस्से के पैसे नहीं ले रहा है। यह रकम उसे बाद में देनी है। सात मई को उसे डिप्टी मेयर के कमरे में बुलाया गया और उससे 15 हजार की रिश्वत ली गई। पीड़ित ने रिश्वत लेने का वीडियो हिडन कैमरे से बना लिया। पैसे देने के अगले ही दिन क्लर्क हरिओम ने उसकी प्रॉपर्टी आईडी सही करवा ली।
इसके बाद पीड़ित ने वीडियो नगर निगम आयुक्त हर्षित कुमार को भेज दिया। वीडियो में क्लर्क पैसे गिनकर क्लर्क को देता हुआ दिखाई दे रहा है और वह उसे जेब में डालता हुआ दिखाई दे रहा है। आयुक्त ने मामले की जांच संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ को सौंपी थी और तीन दिन में रिपोर्ट मांगी थी। कई बार बुलाने के बाद भी आरोपित जांच में शामिल नहीं हो रहा था।
इसके बाद बुधवार फिर से नोटिस देकर जांच में शामिल किया गया। संयुक्त आयुक्त ने जांच रिपोर्ट आयुक्त को सौंपी। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई कर आयुक्त ने आरोपित को निलंबित कर दिया।
साक्ष्य के आधार पर मामले की जांच की गई है। आरोपित को भी जांच में शामिल किया गया। जांच के बाद रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त को सौंपी दी गई थी। - मीतू धनखड़, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम
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