दिवाली पर झुलसे तो राम भरोसे जान! सोनीपत के किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं है बर्न यूनिट
सोनीपत जिले में औद्योगिक क्षेत्र और मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद झुलसे मरीजों के इलाज के लिए कोई सरकारी बर्न यूनिट नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर (AI-Generated)
HighLights
सोनीपत में झुलसे मरीजों के लिए कोई बर्न यूनिट नहीं।
गंभीर मरीजों को रोहतक या दिल्ली रेफर किया जाता है।
दीपावली पर पटाखों से झुलसने वालों को होती है दिक्कत।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। राई, कुंडली और गन्नौर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों और सोसाइटियों से जगमगाने वाले जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत बेहद कड़वी है।
जिले के नागरिक अस्पताल और खानपुर कलां स्थित महिला मेडिकल कालेज तक में झुलसे मरीजों के इलाज के लिए एक भी सरकारी बर्न यूनिट मौजूद नहीं है। दीपावली के मौके पर पटाखों की चिंगारी की चपेट में आकर यदि कोई मासूम या बुजुर्ग झुलस जाए, तो उपचार के अभाव में जानलेवा साबित होता है।
स्थिति यह है कि सामान्य रूप से झुलसे लोगों को मलहम-दवा देकर घर भेज दिया जाता है, जबकि गंभीर मरीजों को तत्काल रोहतक पीजीआइ या दिल्ली रेफर करने के सिवाय स्वास्थ्य विभाग के पास कोई चारा नहीं बचता।
स्वास्थ्य विभाग का दावा
जिला नागरिक अस्पताल में त्योहार के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग हर बार की तरह आपातकालीन व्यवस्था चुस्त होने का दावा करता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से दीपावली की रात इमरजेंसी वार्ड में डाक्टरों की तीन शिफ्टों में तैनाती की जाएगी।
इसके अलावा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आन-काल अतिरिक्त डाक्टर मौजूद रहेंगे और झुलसने वाले मरीजों के लिए दवाइयों के विशेष स्टाक के साथ अलग से बेड आरक्षित किए गए हैं। हालांकि, विशेषज्ञ बर्न यूनिट और आइसीयू की कमी के चलते यह इंतजाम महज प्राथमिक उपचार तक ही सीमित साबित होते हैं।
3 सालों की घटनाएं बयां कर रहीं दर्दनाक तस्वीर
दिवाली की रात जिले में पटाखों और राकेट की चिंगारियों के कारण वर्ष 2025 में 20 से अधिक लोग झुलस गए थे। इनमें कई मासूम बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल थे। वर्ष 2024 में गांव रिढाऊ स्थित अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण विस्फोट हुआ था।
हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सात से नौ श्रमिक गंभीर रूप से झुलस गए थे। वर्ष 2023 में दीपावली पर पटाखों की वजह से एपेक्स ग्रीन सोसाइटी के एक फ्लैट में भीषण आग लग गई थी। हालांकि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन त्योहार के दौरान मामूली रूप से झुलसने के 10 से 15 मामले नागरिक अस्पताल की ओपीडी में दर्ज किए गए थे।
'मुख्यालय से बर्न यूनिट की मांग की गई है। दीपावली को लेकर डाक्टरों की ड्यूटी लगाई जाएगी। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। मरीजों का इलाज विभाग की प्राथमिकता है।'
-डा. अलंकृता गेरा, सिविल सर्जन, सोनीपत
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