सोनीपत के रायपुर में 20 साल बाद भी मुआवजे को भटक रहे किसान, सड़क निर्माण रोका
सोनीपत के रायपुर गांव के किसान 2004 में अधिग्रहित भूमि के मुआवजे में देरी को लेकर एचएसवीपी पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।

मुआवजा नहीं मिलने पर विरोध जताते ग्रामीण। सौ. ग्रामीण
HighLights
2004 में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा लंबित है।
हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पूरी राशि नहीं मिली।
किसानों ने सड़क निर्माण कार्य रोककर विरोध जताया।
जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत सेक्टर-5 व 6 स्थित रायपुर गांव के किसानों ने एचएसवीपी पर मुआवजा भुगतान में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2004 में उनकी जमीन महज 5.80 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से अधिग्रहित की गई थी। बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने मुआवजा बढ़ाकर 326 रुपये प्रति गज और 27 रुपये प्रति गज अतिरिक्त देने के आदेश दिए, आज तक पूरी राशि जारी नहीं की गई। किसान मुआवजे के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
किसानों का कहना है कि उन्होंने भूमि अधिग्रहण के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी, जिसमें वर्ष 2013 में फैसला किसानों के पक्ष में आया।
पुराने रेट पर लागू हुई भुगतान प्रक्रिया
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा और संशोधित भूमि अधिग्रहण कानून के चलते पुराने रेट पर ही भुगतान की प्रक्रिया लागू हुई। सभी दस्तावेज जमा करवाने के बाद भी वह चक्कर काटने को मजबूर हैं।
किसान प्रेम कुमार ने आरोप लगाया कि करीब 89 लाख रुपये की मुआवजा राशि डेढ़ वर्ष की देरी से दी गई, लेकिन ब्याज नहीं मिला। वहीं एलएसी नंबर 125 और 132 की राशि अब भी लंबित है।
किसानों ने पटवारी नवीन कौशिक व कानूनगो जगबीर सिंह पर अनावश्यक देरी करने का आरोप लगाया। परेशान किसानों ने सड़क निर्माण कार्य रुकवा दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने जल्द भुगतान का आश्वासन देकर किसानों से सहयोग मांगा। किसानों ने चेतावनी दी कि भुगतान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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