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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बेटे ने दिया गर्व करने का एक और मौका

By JagranEdited By:
Published: Tue, 04 Aug 2020 10:45 PM (IST)Updated: Wed, 05 Aug 2020 07:36 AM (IST)

सुखबीर सिंह का पूरा परिवार खुशी से फूले नहीं समा रहा है। उनके बेटे प्रदीप सिंह ने सिविल सर्विस की ...और पढ़ें

बेटे ने दिया गर्व करने का एक और मौका
बेटे ने दिया गर्व करने का एक और मौका

जागरण संवाददाता, सोनीपत : सुखबीर सिंह का पूरा परिवार खुशी से फूले नहीं समा रहा है। उनके बेटे प्रदीप सिंह ने सिविल सर्विस की परीक्षा में देश भर में अव्वल रहकर सभी को गौरर्वान्वित किया है। पिता की खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। बेटे के आइएएस बनने की खबर मिलते ही वे गांव से तुरंत अपने ओमेक्स सिटी स्थित निवास पर पहुंचे और बेटे को गले लगाकर व मुंह मीठा करवाकर बधाई दी। पिता के फोन ही बंद नहीं हो रहे। हर किसी को एक बात जरूर कहते हैं कि बेटे ने गर्व से सीना चौड़ा कर दिया।

यूपीएससी टॉपर के पिता सुखबीर सिंह बताते हैं कि प्रदीप दो भाइयों में छोटा है और उससे छोटी एक बहन है। सभी बच्चे पढ़ाई में होशियार हैं। प्रदीप भी पढ़ाई में ठीक था। 12वीं कक्षा में वह स्कूल टॉपर भी रहा था। उन्होंने कभी उसकी पढ़ाई के लिए कोई अतिरिक्त कार्य नहीं किया और न ही कभी उस पर पढ़ाई के लिए कोई दबाव डाला। वह खुद ही अपने हिसाब से पढ़ाई करता था। वह उनके घर का पहला व्यक्ति था जो सरकारी नौकरी करता था। बड़ा भाई अजीत सिंह बीटेक करके एक कंपनी में सर्वेयर है, जबकि बहन मीनाक्षी ने एमएससी किया है। लोगों की बधाई स्वीकार करते हुए सुखबीर कहते हैं कि उसकी पढ़ाई के प्रति लगन को देखकर ही उसे आगे की पढ़ाई और तैयारी जारी रखने को कहा था। नौकरी करते हुए उसने यूपीएससी की तैयारी की। पिछले वर्ष जब उसे 260वां स्थान मिला तो लग गया था कि यह आइएएस भी कर सकता है। आज बेटे ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल कर उसे गर्व करने का एक और मौका दे दिया है। फोन पर नहीं बताया, घर आने पर चौंकाया :

सुखबीर बताते हैं कि वे खेती के काम से अपने गांव तेवड़ी गए हुए थे। दोपहर को बेटे ने फोन पर यूपीएससी की परीक्षा पास करने की जानकारी। जब उससे स्थान पूछा तो उसने कुछ नहीं बताते हुए उल्टा सवाल किया कि आप कौन सा स्थान चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वे तो बस आइएएस वाला स्थान चाहते थे। बेटे ने कहा कि स्थान घर आने पर पता चलेगा। जब वे घर पहुंचे तब बेटे ने पहला स्थान बताकर बिल्कुल चौंका दिया। उसने मायके गई प्रदीप की मां शीला देवी को भी फोन पर इसकी जानकारी दी।