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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनेऊ उतारकर माथे से तिलक मिटाया, स्कूल में छात्रों से मारपीट की गई; परिजनों के फिर थाने पहुंचने पर...

By Jagran News Edited By: Rajesh Kumar
Published: Mon, 24 Feb 2025 07:35 PM (IST)

हरियाणा के सोनीपत से एक मामला सामने आया है जहां सोनीपत के एक स्कूल में छात्रों के साथ बदसलूकी की ...और पढ़ें

धार्मिक संगठनों ने स्कूल में हुई घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला बताया है। जागरण
धार्मिक संगठनों ने स्कूल में हुई घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला बताया है। जागरण

HighLights

  1. स्कूल स्टाफ के दो लोगों ने जनेऊ कटवा दिया और तिलक उतरवा दिया।
  2. छात्र की मां ने बताया कि उनका बेटा जनेऊ बांधता है और तिलक लगाता है।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। तिहाड़-बाघडू गांव स्थित होली क्रॉस स्कूल में छठी कक्षा के छात्र को जनेऊ बांधने और तिलक लगाने को लेकर परेशान करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल स्टाफ के दो लोगों ने जनेऊ कटवा दिया और तिलक उतरवा दिया। वे काफी समय से उसे धार्मिक पहचान के आधार पर परेशान कर रहे थे।

बच्चे को परेशान करने की शिकायत दर्ज

छात्र ने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। धार्मिक संगठनों को जब इसकी भनक लगी तो वे परिवार के साथ सदर थाने पहुंचे। परिजनों ने पुलिस में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और बच्चे को परेशान करने की शिकायत दर्ज कराई है।

छात्रों से उतरवाया जनेऊ

छात्र की मां ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा जनेऊ बांधता है और तिलक लगाता है। इसको लेकर स्कूल स्टाफ के लोग फब्तियां कसते हैं। कई बार उसके माथे से तिलक उतरवा चुके हैं। जनेऊ भी कटवा चुके हैं। जब उसने घर आकर बताया तो स्कूल में इस बात की चर्चा हुई, जिसके बाद से उसे परेशान किया जाने लगा।

कई बार उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि एक शिक्षक ने बच्चे के बारे में अपशब्द भी कहे। उसने बच्चे को थप्पड़ भी मारा, जिससे उसकी आंख भी सूज गई। बच्चे ने अब मामले की जानकारी दी है। स्कूल में हुई घटना की जानकारी धार्मिक संगठनों को भी मिली।

कई छात्रों के परिजन आगे आए

धार्मिक संगठनों का कहना है कि जब इस बारे में जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि स्कूल में ऐसे कई बच्चों के साथ ऐसा हो रहा है। कई बच्चों को उनके माता-पिता से मिलने नहीं दिया जाता। इसके लिए डायल-112 पर कॉल करना पड़ता है। आरोप है कि स्कूल में हर 15-20 दिन में एक धर्म विशेष की किताब पढ़ाई जाती है। जबकि उन्हें अपने धर्म के प्रति गुमराह किया जाता है।

थाने में लगे हर-हर महादेव और जय श्री राम के नारे

धार्मिक संगठनों ने स्कूल में हुई घटना को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मामला बताया है। यह धार्मिक भेदभाव का मामला है। इससे छात्रों में हीन भावना पैदा हो रही है। बच्चों की काउंसलिंग होनी चाहिए, ताकि अन्य बच्चों के साथ हुई घटनाएं भी सामने आ सकें। मंजीत तिहार ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

स्कूल में हुई घटना की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जानकारी नहीं है।

नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी।

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