विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sonipat Water Supply: सोनीपत में पानी की किल्लत होगी दूर, रेनीवेल से जलापूर्ति को लेकर निगम ने बढ़ाया कदम

Published: Mon, 15 Sep 2025 02:23 PM (IST)

सोनीपत के गांवों में पानी की किल्लत दूर करने के लिए रेनीवेल परियोजना शुरू की जाएगी। यमुना नदी के पास ...और पढ़ें

जाजल रेनीवेल का निरीक्षण करते मेयर राजीव जैन। सौजन्य- अर्काइव
जाजल रेनीवेल का निरीक्षण करते मेयर राजीव जैन। सौजन्य- अर्काइव

HighLights

  1. राई, रायपुर, फाजिलपुर और लिवासपुर में बेहतर होगी पेयजल व्यवस्था
  2. राजीव गांधी एजुकेशन सिटी,राई, लिवान और लिवासपुर में बनेंगे बूस्टिंग स्टेशन
  3. हाउसिंग सोसाइटी को भी जाजल रेनीवेल से मिलेगा पानी

दीपक गिजवाल, सोनीपत। नगर निगम में शामिल हुए गांवों राई, रायपुर, फाजिलपुर, लिवासपुर और शहर के पूर्वी क्षेत्र में अब पानी की किल्लत नहीं रहेगी। इन गांवों की प्यास बुझाने के लिए अब जाजल रेनीवेल से पानी की सप्लाई की जाएगी।

जाजल के पास यमुना नदी में 10-10 एमएलडी क्षमता के दो रेनीवेल का निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई, लिवासपुर और लिवान में नए बूस्टिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। बूस्टिंग स्टेशनों में टेंकों में पानी स्टोर रहेगा। जिससे किसी भी समय आगे सप्लाई किया जा सकेगा। इससे भूजल पर निर्भरता भी घटेगी।

वहीं, गांवों के लिए बूस्टिंग बनाने के साथ ही फाजिलपुर और देवडू गांवों में पुरानी पेयजल लाइनों को बदलने का काम भी किया जाएगा। जिससे पानी की बर्बादी रुकेगी और दबाव बेहतर होगा। इसके साथ ही बैंयापुर खुर्द में पानी नई पाइप लाइन डाली जाएगी।

नगर निगम में शामिल गांव लिवासपुर, राई, लिवान, फाजिलपुर, रायपुर में राठधना में करीब तीन लाख की आबादी है। यहां लोग अक्सर पेयजल संकट से जूझते है। ऐसे में नगर निगम ने गांवों की प्यास बुझाने की योजना तैयार की है।

निगम गांवों के साथ ही शहर की बहालगढ़ रोड स्थित वर्धमान सोसायटी में यमुना का पानी मुहैया कराएगा। इसके लिए निगम और एसएमडीए चार बूस्टिंग स्टेशन बनाने जा रहा है। इसके प्रपोजल को मंजूरी मिली चुकी है। अब जल्द ही नगर निगम इसका एस्टीमेंट बनाकर टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। गांवों में बूस्टिंग बनने से आसपास के क्षेत्र की पेयजल समस्या हल होगी।

नंबर गेम :

  •  16 किलोमीटर लंबी पानी की लाइन डाली गई है जाजल से शहर तक
  • 11.34 करोड़ रुपये खर्च होंगे चारों बूस्टिंग स्टेशन बनने पर
  • 11,555 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाए क्षेत्र में पानी पहुंचाने को
  • 2.50 लाख लोगों को मिलेगा यमुना का पानी
  • 03 नए बुस्टिंग बनने से ग्रामीणों को मिलेगा पर्याप्त पानी

पूर्वी क्षेत्र में फिलहाल ये है व्यवस्था 

शहर के पूर्वी क्षेत्र में 74 ट्यूबवेल लगे हुए है। जिनके जरिए शहर में बने बूस्टिंग स्टेशन में बने टैंकों को भरा जाता है। इसके बाद यहां से पानी सप्लाई के लिए भेजा जाता है। कर्मियों में ट्यूबवेल खराब होने या बिजली की किल्लत के कारण ट्यूबवेलों से पानी की पूर्ति नहीं हो पाती।

ऐसे में गर्मी के मौसम में पानी को लेकर हाहाकार मचता है। अब सीधा रेनीवेल से पानी आएगा तो बूस्टिंग स्टेशनों पर पर्याप्त पानी रहेगा। ऐसे में पेजयल किल्लत की समस्या शहर में नहीं होगी।

ये प्रोजेक्ट भी सुधारेंगे शहर की स्थिति

  • जाट जोशी में 50.54 लाख की लागत से बिछेगी पेयजल लाइन।
  • कलावती में 98 लाख रुपये की लागत से डाली जाएगी पेयजल लाइन।
  •  अशोक विहार में 64.12 लाख से बदली जाएगी पुरानी पेयजल लाइन।
  • हनुमान नगर में भी पीने के पानी की लाइन डाली जाएगी।

गन्नौर का पेयजल संकट भी होगा दूर 

बेगा के पास यमुना पर 10 एमएलडी रेनीवेल का निर्माण किया जाएगा। शहर तक पानी आपूर्ति के लिए पाइपलाइन डाली जाएगी। इससे गन्नौर और आसपास के इलाकों में पेयजल आपूर्ति बेहतर होगी। योजना पर 24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस योजना के तहत तीन एमएलडी क्षमता के दो वाटर वर्क्स बनाए जाएंगे। इनमें नहरी पानी को एकत्रित कर शुद्धिकरण के बाद घरों में सप्लाई किया जाएगा। बूस्टिंग स्टेशन सचिवालय परिसर व बड़ी रोड पर नगरपालिका की जमीन पर बनेंगे।

इनके बनने के बाद जीटी रोड की तरफ कालोनियों, बड़ी रोड, गन्नौर गांव में पेयजल आपूर्ति बनेगी। एजेंसी को सितंबर 2026 तक काम पूरा करने का समय दिया गया है।

निगम में शामिल गांवों में पेयजल की बेहतर व्यवस्था पर निगम काम कर रहा है। जहां-जहां पेयजल की दिक्कत थी। वहां पर पेयजल मुहैया करने के प्रोजेक्ट बनाए गए है। जल्द प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा। इसके साथ जहां कहीं लाइन जर्जर थी। वहां पर नई लाइन डाली जाएगी।

राजीव जैन, आयुक्त, नगर निगम