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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sonipat Pollution: देश में चौथा सबसे प्रदूषित शहर बना सोनीपत, एक्यूआई 321

Published: Sun, 03 Nov 2024 10:25 PM (IST)

सोनीपत में प्रदूषण का कहर जारी है। रविवार को एक्यूआई 321 तक पहुंच गया जो बेहद खराब श्रेणी में माना ...और पढ़ें

देश सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सोनीपत चौथे नंबर पर रहा।
देश सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सोनीपत चौथे नंबर पर रहा।

HighLights

  1. बेहद खराब श्रेणी में प्रदूषण, सुबह की सैर से बचने की सलाह
  2. देश सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सोनीपत चौथे नंबर पर रहा

जागरण संवाददाता, सोनीपत। इन दिनों दिल्ली-एनसीआर की हवा काफी जहरीली होती जा रही है। हवा का रुख कमजोर होते ही जिले में प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है। रविवार को एक्यूआई 321 तक पहुंच गया, यह बेहद खराब श्रेणी में माना जाता है। सीपीसीबी के बुलेटिन में देश सबसे प्रदूषित शहरों की लिस्ट में सोनीपत चौथे नंबर पर रहा।

प्रदूषण के बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने से सांस, दमा और गंभीर बीमारियों के मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सुबह की सैर से बचने की सलाह दी है। प्रदूषण के कारण लोगों को सांस लेने में कठिनाई और आंखों में जलन की समस्या का सामना भी करना पड़ रहा है।

हवा की गति चार से आठ किलोमीटर प्रति घंटा

दरअसल शनिवार को हवा की गति चार से आठ किलोमीटर प्रति घंटा थी, जो रविवार को हवा का रुख और कमजोर पड़ गया। हवा की कम गति प्रदूषकों को फैलने से रोक रही है और प्रदूषण का स्तर घटने नहीं दे रही है। जब तक हवा की गति में सुधार नहीं आता, तब तक प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहेगा।

एक सप्ताह का एक्यूआई

  • 28 अक्टूबर-256
  • 29 अक्टूबर-270
  • 30 अक्टूबर-221
  • 31 अक्टूबर-259
  • 01 नवंबर-290
  • 02 नवंबर-298
  • 03 नवंबर-321

डॉक्टर ने सुबह की सैर से बचने की दी सलाह

पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. जेएस पूनिया ने बताया कि इस मौसम में सांस, दमा, छाती रोग समेत गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती है। साथ ही बुजुर्गों को भी परेशानी होती है। बढ़ते प्रदूषण के दौरान सुबह के समय सैर से बचने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि उस समय हवा में प्रदूषक कण ज्यादा फैले होते हैं। ठंडा पानी पीने से बचें क्योंकि यह ठंडक में शरीर के अंदर कणों के जमने की संभावना बढ़ा देता है। आंखों में जलन हो तो ठंडे पानी से धोने की सलाह भी दी गई है।

सभी विभागों को प्रदूषण को कम करने के उपायों पर गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में एंटी स्माग गन और सफाई का प्रयोग बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आमजन से अपील है कि वे खुले में आग जलाने से बचें। आग लगाते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, एचएसपीसीबी

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