सोनीपत, जागरण संवाददाता। साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह की टीम ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगी करने के चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपितों में से तीन नाइजीरिया के रहने वाले हैं। इस गैंग के कई सदस्यों को साइबर थाना पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। साइबर ठगी गैंग का मुख्य आरोपित अभी फरार है। आरोपितों ने साइबर ठगी की 500 से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया है।

पुलिस ने बताया कि ओमेक्स सिटी की रहने वाली आकांक्षा ने 17 जुलाई 2022 को साइबर ठगी होने की शिकायत दी थी। आकांक्षा ने बताया कि वह नौकरी की तलाश में थीं। उनको एक आनलाइन साइट पर ब्रिटेन में नौकरी लगवाने का आफर मिला।

नौकरी लगवाने के बदले में उनसे कई बार रुपयों की मांग की गई। आरोपितों ने उनसे 7.66 लाख की साइबर ठगी कर ली। साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी थी। आकांक्षा के साथ की गई ठगी का रुपया बंगलुरू में निकाला गया था। इस पर पुलिस टीम ने बंगलुरू से इसकी जांच शुरू की थी। वहां पर बैंक खातों की जांच और एटीएम बूथ के सीसीटीवी की फुटेज के आधार पर कुछ संदिग्धों की पहचान की थी।

ये भी पढ़ें- Haryana: रक्षा मंत्रालय का क्लर्क लापता, हनीट्रैप में फंसाकर मांगी मंत्रालय से जुड़ी जानकारी

पांच आरोपित पहले ही पकड़े

इस मामले में पुलिस ने दो नाइजीरियन सहित पांच आरोपितों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इनमें नाइजीरिया के रहने वाले व आजकल बंगलुरू में रह रहे डी.मार्क ओपेरा, मूल रूप से नाइजीरिया व आजकल जनकपुरी दिल्ली में रह रहे मैक्स उर्फ मेलेस मिचेल, उत्तर प्रदेश के बरेली के मोहम्मद रिजवान, उत्तर प्रदेश के बदायु जिले के आमिर खान और उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद-खोड़ा कालोनी के जावेद को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।

अब चार आरोपित और पकड़े

  • साइबर थाना पुलिस ने आरोपितों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर अब चार और आरोपितों को गिरफ्तार किया है।
  • अकालैंडरी- मूलरूप से नाइजीरिया के रहने वाले और वेस्ट अफ्रीका के आइवोरी देश से पासपोर्ट पर आए व आजकल नई दिल्ली में देवली रोड पर रह रहा था।
  • जोहन उर्फ वाचे गिडेओन, मूल निवासी लोसिगोस सिटी नाइजीरिया व आजकल महरौली (दिल्ली)।
  • चुक्स पुत्र चिमेजिया- नाइजीरिया के मबाटिलौ शहर का रहने वाला है और एमबीए उत्तीर्ण किए हुए है। उसने नागालैंड के दिमापुर में स्थाई निवास बनाया हुआ है और आजकल दिल्ली के खानपुर में रह रहा था।
  • जाबिर उर्फ जगमेन्द्र उर्फ जैकी उर्फ राहुल- बिछरोईया थाना बिनावर, बदायूं उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और आजकल गाजियाबाद के वैशाली में रह रहा था।

ये भी पढ़ें- Ghaziabad: "मैं मानसिक तनाव में हूं, इस्तीफा दे रहा हूं", GDA के जेई ने उच्च अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

500 से ज्यादा घटनाएं स्वीकारी

गैंग के मुख्य आरोपित अभी फरार हैं। इनके पास से 20 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उनमें मिली जानकारी के अनुसार करीब 100 आरोपितों को सक्रिय माना जा रहा है। उनकी जानकारी और मोबाइल नंबर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे गए हैं। वहां से स्वीकृति के बाद उनकी पहचान की जाएगी।

वहीं, नाइजीरिया के दर्जनभर आरोपित और शामिल हैं। उनपर कार्रवाई का निर्णय भी गृह मंत्रालय से किया जाएगा। आरोपितों ने 500 से ज्यादा साइबर ठगी की वारदातों में शामिल होना स्वीकार किया है।इनमें पास से एक लाख से ज्यादा रुपये बरामद किए गए हैं।

10 दिन की रिमांड पर लेकर छापेमारी

एएसपी और साइबर प्रभारी आइपीएस मयंक गुप्ता ने बताया कि नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करने के चार और आरोपित पकड़े गए हैं। इनमें तीन नाइजीरिया के हैं। इनको 10 दिन के रिमांड पर लेकर छापामारी की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।उनमें से सात स्थानीय युवकों की पहचान कर ली गई है।आरोपितों में से दो के बीजा एक्सपायर हो चुके हैं।

Edited By: Geetarjun

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट