Sonipat News: दिल्ली-शिमला हाईवे पर दिसंबर से दौड़ेंगे ईवी, ट्रायल रन शुरू
नेशनल हाईवे फार इलेक्ट्रिक व्हीकल (एनएचईवी) द्वारा दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर शिमला तक के लगभग 360 किलोमीटर के मार्ग पर ट्रायल रन शुरू किया गया है। इस ट्रायल रन के दौरान बुनियादी ढांचे पर इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रभाव ट्रैफिक पर प्रभाव चार्जिंग स्टेशनों की दक्षता चार्जिंग के दौरान लगने वाला समय पर्यावरण सुधार जैसे कारकों का अध्ययन किया जाएगा।

सोनीपत, निरंजन कुमार। दिल्ली और हरियाणा के लोग अब अपनी इलेक्ट्रिक कार से हिमाचल पहुंच सकेंगे। नेशनल हाईवे फार इलेक्ट्रिक व्हीकल (एनएचईवी) द्वारा दिल्ली के इंडिया गेट से लेकर शिमला तक के लगभग 360 किलोमीटर के मार्ग पर ट्रायल रन शुरू किया गया है।
तीन महीने तक चलने वाले इस ट्रायल रन के दौरान बुनियादी ढांचे पर इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रभाव, ट्रैफिक पर प्रभाव, चार्जिंग स्टेशनों की दक्षता, चार्जिंग के दौरान लगने वाला समय, पर्यावरण सुधार जैसे कारकों का अध्ययन किया जाएगा। अगले तीन साल में प्रत्येक 20 किलोमीटर पर ईवी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
इससे न केवल ईवी-फ्रेंडली हाईवे नेटवर्क स्थापित होगा, बल्कि प्रदूषण की समस्या से निपटने में मदद मिलेगी। इस ट्रायल रन का पहला स्टापेज सोनीपत होगा। फिलहाल यहां एनएच-44 (दिल्ली-सोनीपत-पानीपत-अंबाला) पर गुरुग्राम की तर्ज पर 100 चार्जिंग प्वाइंट की क्षमता का प्रोटोटाइप वाहन चार्जिंग स्टेशन बनाने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है। शुरुआत में ही इसे सोलर एनर्जी आधारित बनाया जाएगा ताकि दिन के समय वाहन चार्जिंग की लागत कम आए।
- 360 किलोमीटर के मार्ग पर ई-वाहनों के लिए सुविधाएं देने को ट्रायल रन शुरू
- अगले तीन साल में हर 20 किमी पर होंगे चार्जिंग स्टेशन, सौर उर्जा पर रहेगा जोर
- 70,341 इलेक्ट्रिक वाहन हैं हरियाणा में
- 5,000 से ज्यादा ईवी हैं सोनीपत जिले में
- 2.35 लाख ईवी रजिस्टर्ड दिल्ली में
ट्रायल में इनका अध्ययन होगा
- ब्रेक डाउन होने पर 30 मिनट में सहायता पहुंचना
- चोरी रोकने के लिए एंटी थेफ्ट सिस्टम यानि एटीएस स्थापित करना
- प्रति किमी ईवी चलाने का खर्च कितना हो रहा है
- बस में प्रति सवारी कितना खर्च आएगा
- वर्षा के दौरान ईवी संचालन की दिक्कत
वाहन चार्जिंग में लगने वाले समय के सदुपयोग के लिए चार्जिंग स्टेशन पर शापिंग सेंटर, फूड कोर्ट, एटीएम, बैंक, टायलेट्स, रेस्ट रूम, बच्चों के खेलने की व्यवस्था की जाएगी। पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की तुलना में बड़ी संख्या में लोग अब ईवी खरीद रहे हैं। प्रदेश सरकार सब्सिडी भी दे रही है। ट्रायल रन के दौरान दिल्ली से शिमला के बीच दो बस और 20 कारें चलाई जाएंगी। अधिकारियों के मुताबिक ट्रायन रन के बाद दिसंबर के अंत तक लोग अपने ईवी से दिल्ली से शिमला का सफर तय कर सकते हैं।
दो साल पहले एनएच-44 ई-हाईवे घोषित हुआ था
वर्ष 2021 में केंद्र सरकार ने एनएच-44 को ई-हाईवे घोषित किया था। सरकार ने भारत हैवी इलेक्ट्रिल्स लिमिटेड यानी भेल को यहां ईवी के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने का काम सौंपा था। भेल ने सोनीपत में एथनिक इंडिया, समालखा, घरौंडा, करनाल में कर्ण लेक और अंबाला में चार्जिंग प्वाइंट लगाए थे। लेकिन न तो ट्रायल रन किया गया और न ही बड़े चार्जिंग स्टेशन बनाए गए।
इसके चलते यह हाईवे ईवी फ्रेंडली नहीं बन सका। ऐसे में भारत सरकार के ईज आफ डूइंग बिजनेस प्रोग्राम के तहत नेशनल हाईवे फार ईवी द्वारा यहां स्टेक होल्डर्स के साथ संयुक्त रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का काम शुरू किया है।
इस बारे में जानकारी देते हुए एनएचईवी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, अभिजीत सिन्हा ने कहा- दिल्ली-आगरा और दिल्ली-जयपुर ई हाईवे पर टेक-ट्रायल रन सफल रहा था। अब दिल्ली-शिमला मार्ग पर ट्रायल रन शुरू किया गया है। इस मार्ग पर नए सिरे से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा, जिससे ईवी संचालकों को कोई दिक्कत नहीं आएगी।
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