मुरथल के डीक्रस्ट में बिजली-पानी की किल्लत, गुस्साए छात्रों ने किया कुलपति कार्यालय का घेराव
सोनीपत के मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीक्रस्ट) में बिजली पानी और इंटरनेट की समस्या से परेशान विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में कई दिनों से बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित है जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। गर्मी में छात्रों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। मुरथल स्थित दीनबंधु छोटू राम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीक्रस्ट) में पिछले कई दिनों से विद्यार्थियों को बिजली, पानी और इंटरनेट की सुविधा नहीं मिल रही है। शुक्रवार सुबह जब विद्यार्थी विश्वविद्यालय पहुंचे तो वहां बिजली नहीं थी। इससे गुस्साए विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन से तुरंत सुविधाएं बहाल करने की मांग की। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे प्रदर्शन और धरना देंगे। इसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
गर्मी में परेशान हो रहे
डीक्रस्ट में पांच हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। उनकी सुविधा के लिए पेयजल, बिजली, पंखे और एसी लगाए गए हैं, लेकिन व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण कई ब्लाॅकों में लंबे समय से बिजली और पानी की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली कटने से पंखे तक नहीं चल पाते और विद्यार्थियों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है।
विश्वविद्यालय में बिजली का कोई वैकल्पिक इंतजाम भी नहीं है। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्रशासन की तरफ से सुबह के समय लिफ्टों को बंद कर दिया जाता है। इस वजह से उन्हें सीढ़ियों से एक मंजिल से दूसरी मंजिल पर जाना पड़ता है।
परिसर में जलभराव से बढ़ी मुश्किल
वर्षा के दिनों में विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति और बिगड़ जाती है। पुस्तकालय के बेसमेंट, शैक्षणिक ब्लाक और सड़कों पर जलभराव हो जाता है, जिससे विद्यार्थियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। विद्यार्थियों का कहना है कि कई बार समस्या उठाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। यही वजह है कि अब उनका सब्र टूट चुका है और उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
जल्द जारी करेंगे धनराशि
शैक्षणिक ब्लाॅक में बिजली व पानी आपूर्ति को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। अगर समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो इस संदर्भ में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जनरेटर को ठीक कराने के लिए एक लाख से अधिक की धनराशि तुरंत जारी की जाएगी।
-श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीक्रस्ट
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