Navratri Special: सोनीपत में लड़कियों के धोए जाते हैं पैर और पढ़ाई के लिए दिए जाते हैं 5100 रुपये
मुरथल रोड पर स्थित ब्रेक पार्ट्स इंडिया प्रा. लि. नाम की कंपनी ने पिछले साल से बेटियों को पढ़ाई में मदद करने के लिए अनूठी पहल शुरू की है। इसके तहत लड़कियों की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद दी जाती है।

सोनीपत, जागरण संवाददाता। ब्रेक पार्ट्स बनाने वाली कंपनी ने कंजक पूजन के साथ ही बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनूठी पहल शुरू की है। साल में दो बार आने वाले नवरात्र पर नवमी के दिन कंजक पूजन कर कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों की 100 बेटियों को फीस भरने के लिए नकद राशि दी जाती है। बेटियों को पढ़ाई का प्रमाणपत्र देखकर 3100, 4100 व 5100 रुपये दिए जाते हैं।
लड़कियों की पढ़ाई नहीं छूटे इसलिए की पहल
दुर्गा स्वरूपा बेटियों को पढ़ाई में मदद कर कंपनी वास्तव में कंजक पूजन की परंपरा को निभा रही है। कंपनी के प्रबंधन का मानना है कि इसके पीछे उनका एक ही उद्देश्य है कि फीस के अभाव में बेटियों पढ़ाई न छूटे और कर्मचारियों पर भी उनकी फीस को बोझ न पड़े।
5100 रुपये तक मिलते हैं
कंपनी अपने यहां काम करने वाले सभी कर्मचारियों को उनकी अधिकतम दो बेटियों को पढ़ाई के प्रमाणपत्र देखकर 3100, 4100 व 5100 रुपये देती है। साल में दो बार नवरात्र में नवमी के दिन कंपनी में सभी बेटियों के लिए समारोह आयोजित किया जाता है।
लड़कियों की करते हैं पूजा
पहले कंपनी के शीर्ष अधिकारी बेटियों के पैर धोकर उनकी पूजा करते हुए उन्हें भोजन कराते हैं और इसके बाद छोटी कक्षाओं की बच्चियों को 3100 रुपये, मिडिल कक्षाओं में पढ़ने वाली बेटियों को 4100 रुपये और बड़ी कक्षाओं में पढ़ने वाली बेटियों को 5100 रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है।
नवमी के दिन दी जाएगी राशि
कंपनी के एचआर प्रमुख विनीत कुमार गर्ग ने बताया कि कंपनी प्रबंधन ने पिछले साल कर्मचारियों की 90 बेटियों और अनाथालय की 10 बेटियों को करीब साढ़े तीन लाख रुपये की मदद दी थी। अबकी बार कर्मचारियों से आवेदन मांगे गए हैं। कंपनी प्रबंधन ने पिछले साल जितना ही बजट बेटियों को पढ़ाई के लिए रखा है। नवमी के दिन बेटियों को फीस के लिए राशि दी जाएगी।
स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया
विनीत गर्ग ने बताया कि कंपनी वर्ष 2008 से समाज कल्याण के कार्य कर रही है। कंपनी ने गांव रेवली, शांतिनगर, आरके कालोनी, राई समेत कई गांवों के स्कूलों में सुविधाएं उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। कंपनी ने स्कूलों में चारदीवारी, कमरों का निर्माण, शौचालयों का निर्माण, फर्नीचर, सोलर सिस्टम, लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। इसके लिए कंपनी ने एक स्कूल में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगवाई है।
दिव्यांग बच्चों के लिए बनवाया छात्रावास
कंपनी सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को वर्दी, जर्सी और जूते भी देती है। स्कूलों में स्वास्थ्य जांच कैंप भी लगाए जाते हैं। कंपनी ने गूंगे-बहरे बच्चों के स्कूल में कन्या छात्रावास बनवाया, जेल में आरओ व सोलर सिस्टम लगवाया है। सेक्टर-15 के शिवमुक्ति धाम में सीएनजी प्लांट के लिए जेनरेटर लगवाया है।
सिर्फ पढ़ाई पर ही होता खर्च
अनिल कुमार भाटिया (प्रबंध निदेशक, ब्रेक पार्ट्स इंडिया, लि. प्रा) का कहना है कि हम कर्मचारियों की बेटियों को शिक्षा ग्रहण करने में मदद करते हैं। हमारा उद्देश्य है कि फीस के अभाव में किसी भी कर्मचारी की बेटियां पढ़ाई से वंचित न रहें और उनकी शिक्षा का बोझ कर्मचारियों पर भी न पड़े, इसलिए हम एक तय राशि बेटियों को साल में दो बार देते हैं, इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों की 80-90 प्रतिशत फीस कवर हो जाती है। हम कर्मचारियों को भी समझाते हैं कि यह राशि बेटियों की पढ़ाई पर ही खर्च करें अन्य कामों में नहीं।
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