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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Rai Vidhan Sabha Result: राई में कांग्रेस ने कांग्रेस को हराया, भाजपा ने लगातार दूसरी बार लहराया जीत का परचम

Published: Tue, 08 Oct 2024 09:17 PM (IST)

राई विधानसभा चुनाव परिणाम में भाजपा की कृष्णा गहलावत ने कांग्रेस के जयभगवान आंतिल को 4673 वोटों से हराया। गहलावत ...और पढ़ें

रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाणपत्र लेती राई की विधायक कृष्णा गहलावत।
रिटर्निंग अधिकारी से जीत का प्रमाणपत्र लेती राई की विधायक कृष्णा गहलावत।

HighLights

  1. कांग्रेस के स्टार प्रचारकों ने बनाई दूरी, रूठों को भी नहीं मनाया गया।
  2. राई में कम मार्जिन का ट्रेंड जारी, हार जीत का अंतर जिले में सबसे कम।

जागरण संवाददाता, सोनीपत। दिल्ली से सटी जीटी बेल्ट की पहली सीट पर लगातार दूसरी बार कमल खिला है। राई हलके से भाजपा प्रत्याशी कृष्णा गहलावत ने छोटे अंतर से कांग्रेस के जयभगवान आंतिल को 4673 वोट से हराया। यहां कांग्रेस प्रत्याशी ने संयमित तरीके से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें न स्टार प्रचारकों का सहारा मिला और न ही पार्टी के स्थानीय नेताओं ने सहयोग किया।

टिकट नहीं मिलने से नाराज पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया और जसपाल आंतिल ने वोटिंग से कुछ दिन पहले ही पार्टी को बाय-बाय बोल दिया। जसपाल आंतिल ने तो मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भाजपा भी ज्वाइन कर ली थी। दोनों नेता हलके की राजनीति में बड़ा कदम रखते हैं।

जयतीर्थ की दहिया खाप के चार गांव राई हलके में हैं, तो जसपाल आंतिल क्षेत्र के बड़े गांव खेवड़ा से आते हैं। इनके जाने का पार्टी को हार के रूप में नुकसान उठाना पड़ा।

न राहुल आए, न हुड्डा

जिले में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने खरखौदा, सोनीपत, गन्नौर और गोहाना में रोड शो और जनसभाएं की, लेकिन राई हलके को छाेड़ दिया गया। इसी तरह भूपेंद्र हुड़डा, राजबब्बर, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, ओलिंपियन बजरंग पूनिया और दीपेंद्र हुड्डा ने जिले में जमकर प्रचार किया, लेकिन राई में दीपेंद्र हुड्डा ने केवल एक दिन तीन गांवों का दौरा किया था। जब लगभग सभी हलकों में भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा ने ताबड़तोड़ प्रचार किया था।

योगी आदित्यनाथ और निरहुआ ने साधा

पूर्वांचल और चौहान बेल्ट को साधने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने राई हलके में जनसभा की। भाजपा नेता और भोजपुरी कलाकार निरहुआ ने भी पूर्वांचली वोटरों को साधने का काम किया। यहां बड़ी संख्या में चौहान और पूर्वांचल मूल के मतदाता हैं। इसका फायदा भी भाजपा को मिला। राजस्थान के मतदाताओं को साधने भजनलाल शर्मा भी आएं।

कांग्रेस की हार की वजह

  • कांग्रेस लहर की ओवरकॉन्फिडेंस
  • स्टार प्रचारकों की दूरी
  • मजबूत चुनावी टीम न होना
  • चुनाव प्रबंधन में कमी
  • स्थानीय नेताओं का कम सहयोग मिला

भाजपा की जीत की वजह

  • 2014 से हलके में सक्रिय रही
  • मार्केटिंग बोर्ड की चेयरमैन रहते कार्य करवाएं
  • भीतरघात का सामना नहीं करना पड़ा
  • स्थानीय नेताओं का भी साथ मिला
  • बेहतर चुनाव प्रबंधन
  • मजबूत चुनावी टीम

किसे कितना वोट प्रतिशत मिला

  • कृष्णा गहलावत भाजपा- 46.08
  • जयभगवान आंतिल कांग्रेस- 42.75
  • प्रतीक शर्मा निर्दलीय- 8.74
  • प्रमोद दहिया इनेलो- 0.5
  • राहुल निर्दलीय- 0.45
  • सितेंद्र निर्दलीय- 0.29
  • बिजेंद्र जजपा- 0.22
  • देवेंद्र सिंह एसयूसीआई- 0.16
  • संत धर्मबीर युग तुलसी पार्टी- 0.07
  • संदीप कुमार निर्दलीय- 0.05
  • बिजेंद्र कुमार निर्दलीय- 0.05
  • मुकेश कुमार निर्दलीय- 0.04
  • राजेश कुमार निर्दलीय- 0.04
  • राजेश सरोहा आप- 0.2
  • नोटा- 0.35