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    दिल्ली-NCR के वाहन चालकों के लिए गुड न्यूज, जब तक मुरथल में पराठे खाएंगे तब तक चार्ज हो जाएगी आपकी गाड़ी

    By Edited By: Abhishek Tiwari
    Updated: Thu, 24 Aug 2023 08:19 AM (IST)

    मुरथल के प्रसिद्ध ढाबों पर दिल्ली गुरुग्राम फरीदाबाद नोएडा समेत आसपास के क्षेत्र से रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहन पहुंचते हैं। दिल्ली और एनसीआर के शहरों से मुरथल 60 से 120 किमी की दूरी है। यानी आना-जाना 120 से 250 किमी तक का सफर करना पड़ता है। यहां पहले चरण में एक दर्जन ढाबों पर 60 किलोवाट की एक हाई स्पीड चार्जिंग मशीन लगाई जा रही है।

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    जब तक मुरथल में पराठे खाएंगे तब तक चार्ज हो जाएगी आपकी गाड़ी

    सोनीपत [निरंजन कुमार]। दिल्ली-एनसीआर के लोग अब अपने इलेक्ट्रिक वाहन से भी मुरथल के विश्व प्रसिद्ध पराठे का स्वाद लेने के लिए आ सकते हैं। नेशनल हाईवे फार इलेक्ट्रिक वाहन यानी एनएचईवी की पहल पर मुरथल के बड़े ढाबों पर ईवी चार्जिंग प्वाइंट लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।

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    एक दर्जन ढाबों पर लगाई जा रही हाई स्पीड चार्जिंग मशीन

    पहले चरण में एक दर्जन ढाबों पर 60 किलोवाट की एक हाई स्पीड चार्जिंग मशीन लगाई जा रही है जिससे एक कार को चार्ज करने में 45 मिनट से लेकर एक घंटे का समय लगेगा। खाना खाने में लगने वाले समय के दौरान ही आपकी कार चार्ज हो जाएगी।

    मुरथल के प्रसिद्ध ढाबों पर दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा समेत आसपास के क्षेत्र से रोजाना 50 हजार से ज्यादा वाहन पहुंचते हैं। दिल्ली और एनसीआर के शहरों से मुरथल 60 से 120 किमी की दूरी है। यानी आना-जाना 120 से 250 किमी तक का सफर करना पड़ता है।

    वर्तमान में इलेक्ट्रिक कार की रेंज 250 किमी के आसपास की है, इसलिए लोग अपने पेट्रोल-डीजल वाहन से आते हैं या फिर टैक्सी कर मुरथल पहुंचते हैं, जिसका खर्च लंच या डिनर के बिल से भी दो से तीन गुणा तक ज्यादा होता है।

    ऐसे समझिए ईवी से बचत का गणित

    दिल्ली से अगर मुरथल आते हैं तो आने जाने की कम से कम 100 किमी की दूरी के लिए पेट्रोल या डीजल की कार में 500 से 600 रुपये खर्च होते हैं। इलेक्ट्रिक कार 20 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से यह खर्च 100 से 150 रुपये होगा। यानी पेट्रोल वाहन के मुकाबले ईवी में खर्च काफी कम होता है।

    5500 किमी का होगा ई हाईवे

    एनएचईवी अधिकारियों के मुताबिक यह ई हाईवे पर्वतमाला परियोजना के तहत दिल्ली से चंडीगढ़, शिमला और लेह तक पहुंचेगा। इसे अति आधुनिक तकनीक के साथ अपग्रेड किया जा रहा है।

    आगे यह ई हाईवे भारतमाला का अनुसरण करता हुआ दिल्ली से मुंबई और कोलकाता तक होगा। फिर सागरमाला परियोजना के साथ कन्याकुमारी तक तैयार किया जाएगा। फिलहाल देश में कुल 5500 किमी मार्ग पर इलेक्ट्रिक हाईवे के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।

    नंबर गेम

    • 30 मिनट में ब्रेक डाउन सहायता मिलेगी
    • 45 मिनट में चार्ज हो जाएगी कार
    • 12 ढाबों पर फिलहाल चार्जिंग प्वाइंट लगेंगे
    • 24 घंटे मिलेगी चार्जिंग की सुविधा
    • 100 से ज्यादा ढाबे हैं सोनीपत की सीमा में
    • 200 गाड़ियाें की क्षमता

    एक प्वाइंट पर दिनभर में 24 गाड़ियां हो सकेंगी चार्ज

    प्रथम चरण में 12 चार्जिंग प्वाइंट इंस्टाल किए जाएंगे। एक प्वाइंट पर दो गाड़ी एक साथ चार्ज होंगी।यानि एक प्वाइंट पर दिनभर में 24 गाड़ी चार्ज हो सकेंगी। यानि 200 से 250 कारों को चार्ज करने की क्षमता फिलहाल उपलब्ध हो जाएगी। बाद में प्रोटोटाइप चार्जिंग स्टेशन का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होने के बाद यह चार्जिंग क्षमता कई गुणा ज्यादा बढ़ जाएगी।

    भारत सरकार ई हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में दिल्ली से चंडीगढ़, लेह, शिमला मार्ग को ई हाईवे के रूप में विकसित किया जा रहा है। सोनीपत को पहले स्टापेज के रूप में देखा जा रहा है। कई स्टेक होल्डर्स द्वारा ई हाईवे पर बने ढाबों पर चार्जिंग प्वाइंट इंस्टाल करने का काम शुरू कर दिया है। इससे ईवी का प्रयोग बढ़ेगा।

    - अभिजीत सिन्हा, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएच फॉर इलेक्ट्रिक व्हीकल