Haryana News: 11 हजार से अधिक किसानों की बल्ले-बल्ले, खातों में आए करोड़ों रुपये; खिल उठे चेहरे
सोनीपत में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत किसानों को करोड़ों रुपये का अनुदान दिया गया है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 559 किसानों को कृषि यंत्रों के लिए 6.23 करोड़ रुपये और 7 अन्य किसानों को 5.14 लाख रुपये जारी किए हैं। प्रदूषण रोकने और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
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जागरण संवाददाता, सोनीपत। सोनीपत में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत जिले के किसानों को करोड़ों रुपये की अनुदान राशि जारी की गई है। वर्ष 2024-25 के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा 559 किसानों को सुपर सीडर, बेलर व स्ट्रा रेक जैसे कृषि यंत्रों के लिए भौतिक सत्यापन किया गया था। अब छह करोड़ 23 लाख 30 हजार रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से जारी की गई है।
वहीं, पहले भौतिक सत्यापन करवाने के बाद दूसरे सत्यापन में शामिल न हो पाने वाले सात किसानों को भी पांच लाख 14 हजार रुपये की अनुदान राशि दी गई है। प्रदूषण की रोकथाम और मिट्टी की उर्वरता को बनाए रखने के लिए प्रदेश सरकार ने फसल अवशेष प्रबंधन योजना शुरू की है। योजना के तहत फसल अवशेषों को रोटावेटर या सुपर सीडर से मिट्टी में मिलाया जाता है अथवा बेलर से उनके गठ्ठर बनवाए जाते हैं।
इसके लिए सरकार किसानों को प्रति एकड़ एक हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देती है। वर्ष 2024-25 के लिए जिले के 11,514 किसानों को 95,737 एकड़ भूमि के लिए नौ करोड़ 57 लाख 37 हजार रुपये की राशि 20 जून को डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई है।
किसानों को कृषि यंत्रों पर 70 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है, जिससे वे पराली जलाने के बजाय मशीनों की सहायता से उसे मिट्टी में मिला सकें। हालांकि कुछ किसानों की राशि तकनीकी कारणों से अटकी हुई है। जल्द ही उनका समाधान कर अनुदान राशि जारी कर दी जाएगी। - डा. पवन शर्मा, उप कृषि निदेशक
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