सोनीपत में माइनस 22 प्रतिशत पर कचरा उठाने को तैयार एजेंसी, हेडक्वार्टर को लगा कुछ गड़बड़; टेंडर कैंसिल
गोहाना नगर परिषद ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए जारी टेंडर रद्द कर दिया है। दो क्षेत्रों में अलग-अलग दरों के कारण यह निर्णय लिया गया। एक एजेंसी ने माइनस 22 प्रतिशत और दूसरी ने प्लस 12 प्रतिशत दर का प्रस्ताव रखा, जिससे पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता पर सवाल उठे। अब पूरे शहर के लिए एक ही टेंडर जारी किया जाएगा, जिससे दरों में समानता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

एजेंसी का कर्मी शहर में घरों से कचरा लेते हुए। जागरण
परमजीत सिंह, गोहाना। नगर परिषद की तरफ से डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए जारी टेंडर में रेट को लेकर ऐसी स्थिति बन गई कि हेडक्वार्टर को पूरा प्रोसेस कैंसिल करना पड़ा। नगर परिषद ने शहर को दो जोन में बांटकर अलग-अलग टेंडर जारी किए थे, लेकिन दोनों जोन में मिली बोलियों ने अधिकारियों को हैरान कर दिया। एक जोन में एक एजेंसी ने माइनस 22 परसेंट रेट पर काम करने का ऑफर दिया, जबकि दूसरे में एजेंसी ने प्लस 12 परसेंट रेट मांगा।
दोनों एजेंसियों के ऑफर किए गए रेट में बहुत बड़ा अंतर था। इतने अंतर से न तो ट्रांसपेरेंसी बनी और न ही सर्विस क्वालिटी। आखिरकार, हेडक्वार्टर ने प्रोसेस पर किसी भी सवाल से बचने के लिए दोनों टेंडर कैंसिल कर दिए। अब पूरे शहर को एक जोन में ग्रुप करके डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए नया टेंडर जारी किया जाएगा।
शहर में कुल 23 वार्ड हैं। नगर परिषद ने वार्डों को दो जोन में बांटकर डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए टेंडर जारी किए थे। एजेंसियों को घरों और कमर्शियल जगहों से कचरा इकट्ठा करके उसे डिस्पोजल के लिए डंपिंग स्टेशन तक पहुंचाना था। एक ज़ोन में बोली लगाने वाली एजेंसियों में से एक ने माइनस 22 परसेंट के रेट पर काम करने का ऑफ़र दिया।
एजेंसी के इतने कम रेट पर काम करने की इच्छा से एडमिनिस्ट्रेटिव लेवल पर कई सवाल उठे कि क्या वह असल लागत पर काम कर पाएगी। इससे सर्विसेज़ पर असर पड़ने की भी संभावना थी, और यह भी डर था कि बाद में एक्स्ट्रा कॉस्ट की मांग की जा सकती है। इस बीच, दूसरे ज़ोन में बोली लगाने वाली एजेंसियों में से एक प्लस 12 परसेंट के रेट पर काम करने के लिए तैयार हो गई। इस एजेंसी का रेट दूसरी एजेंसी से कम था।
दोनों एजेंसियों द्वारा ऑफ़र किए गए रेट में बड़े अंतर से अधिकारियों को लगा कि बोली लगाने का प्रोसेस बैलेंस्ड या कम्पेरेबल नहीं था। हेडक्वार्टर ने दोनों ज़ोन के टेंडर्स को एनालाइज़ किया और पाया कि इन रेट्स के आधार पर फ़ैसला लेना मुश्किल था। इतना बड़ा अंतर न तो ट्रांसपेरेंसी और न ही सर्विस क्वालिटी पक्का कर सकता था।
इसलिए, हेडक्वार्टर ने दोनों टेंडर्स कैंसिल कर दिए। म्युनिसिपल काउंसिल ने अब शहर को दो ज़ोन में बांटने के मॉडल को खत्म करने और पूरे शहर को एक ही टेंडर के तहत एक ही एजेंसी को देने का फ़ैसला किया है। इससे न केवल एक जैसे रेट्स पक्के होंगे, बल्कि यह भी पक्का होगा कि सर्विस क्वालिटी मॉनिटरिंग और अकाउंटेबिलिटी एक ही एजेंसी द्वारा पक्की तरह से तय की जाए।
नया प्रोसेस पूरा होने तक पांच महीने के लिए टेंडर जारी
नए टेंडर प्रोसेस को पूरा होने में समय लग सकता है। इस बीच, नगर निगम काउंसिल ने सफाई सिस्टम में रुकावट से बचने के लिए पांच महीने के लिए अलग से टेंडर जारी किया है। इसके बाद अधिकारी प्रोसेस पूरा करके पूरे शहर के लिए नया टेंडर जारी करेंगे। नगर निगम काउंसिल एजेंसी को आगे पांच साल के लिए डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और डिस्पोजल का काम देगी। नया टेंडर अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट की नई गाइडलाइंस के हिसाब से जारी किया जाएगा।
- शहर से रोज़ाना 39 टन कचरा हटाया जाता है
- शहर में 15,226 रेजिडेंशियल बिल्डिंग्स
- 4,859 कमर्शियल बिल्डिंग्स
- शहर में 73 इंडस्ट्रीज़ चल रही हैं
डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन के लिए, शुरू में पूरे शहर को दो ज़ोन में बांटकर टेंडर जारी किए गए थे। एजेंसी ने एक ज़ोन में बहुत कम रेट और दूसरे में ज़्यादा रेट पर काम करने का ऑफर दिया। दोनों रेट में काफी अंतर था। हेडक्वार्टर ने टेंडर कैंसिल कर दिया। -राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर परिषद, गोहाना

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