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दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग को फोरलेन करने की तैयारी, हरियाणा के इन 21 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

Published: Wed, 04 Nov 2026 02:16 PM (IST)

दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग को फोर-लेन करने की योजना शुरू हो गई है, जिसके लिए हरियाणा के कई जिलों में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेजा गया है। इससे यात्रा का समय बचेगा।

रेलखंड पर तीसरी और चौथी पटरी बिछाने के लिए उत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया है। एआई इमेज

रेलखंड पर तीसरी और चौथी पटरी बिछाने के लिए उत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया है। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग को फोर-लेन करने की योजना शुरू।

  2. हरियाणा के सोनीपत सहित कई जिलों में भूमि अधिग्रहण।

  3. यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा, ट्रेनों की देरी होगी कम।

विष्णु कुमार, सोनीपत। रेलवे ने यात्रियों को बेहतर सुविधा और आरामदायक सफर देने के उद्देश्य से दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेलमार्ग को फोर-लेन करने की योजना को धरातल पर उतारना शुरू कर दिया है। 197 किलोमीटर लंबे इस व्यस्ततम रेलखंड पर तीसरी और चौथी पटरी बिछाने के लिए उत्तर रेलवे ने जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भेज दिया है।

रेल यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा

प्रस्ताव में राई तहसील के 5, सोनीपत के 10 और गन्नौर के 6 गांवों की जमीन का चयन किया है। ट्रैक के फोर लेन होने से यात्रियों का समय पर सफर पूरा करने का सपना साकार हो सकेगा। इससे हरियाणा के साथ पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर जाने वाले लाखों रेल यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई

देश के व्यस्ततम रेलमार्गाें में से एक दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर अप और डाउन की केवल दो ही पटरियां मौजूद हैं, जिन पर रोजाना करीब 200 मेल, एक्सप्रेस, पैसेंजर और मालगाड़ियां दौड़ती हैं। एक दशक में इस रूट पर यात्रियों की संख्या में लगभग 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

एक नजर आंकड़ों पर

  • 197 किलोमीटर लंबे दिल्ली-पानीपत-अंबाला रेलखंड में की जाएंगी चार लाइनें, अब हैं दो
  • 5 जिलों की जमीन की जाएगी अधिग्रहण, सोनीपत के साथ ही पानीपत के 15 गांव शामिल
  • 4 वर्षों में रेलवे ने तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने का काम पूरा करने का रखा लक्ष्य
  • 5983 करोड़ रुपये के करीब परियोजना पर खर्च किए जाने का है अनुमान, मिलेगी राहत

रेलवे को भी फायदा मिलेगा

वर्तमान व्यवस्था में सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों को रास्ता (पास) देने के लिए कम दूरी और सवारी गाड़ियों को छोटे स्टेशनों पर रोकना पड़ता है, जिससे ट्रेनें अक्सर घंटों देरी से चलती हैं। इसका खामियाजा दैनिक यात्रियों को भुगतना पड़ता है। फोर-लेन निर्माण के बाद ट्रेनों के रुकने का झंझट खत्म हो जाएगा, जिससे दैनिक व लंबी दूरी के यात्रियों के समय की भारी बचत होगी। वहीं रेलवे को भी फायदा मिलेगा।

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दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग को फोर लेन करने के लिए चिह्नित की गई भूमि पर रेलवे की तरफ से लगाया गया निशान। जागरण

परियोजना पर खर्च होंगे अनुमानित 5983 करोड़ रुपये

दिल्ली से अंबाला तक दो लाइनें और बढ़ाने के कार्य पर अनुमानित लागत 5983 करोड़ रुपये रहेगी। पहले चरण में सब्जी मंडी से अंबाला कैंट के बीच दो

अतिरिक्त लाइनों के निर्माण के लिए 3612 करोड़ रुपये की निविदा आमंत्रित की गई है, जिसे उत्तर रेलवे ने चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

इसके अंतर्गत सिविल ट्रैक, सिग्नलिंग, टेलीक्म्यूनिकेशन और ओएचई सहित अन्य कार्य किए जाएंगे। बोली जमा करने की अंतिम तिथि एक फरवरी है।

प्रदेश के जिलों में इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित

जिला / ब्लॉक

भूमि (हेक्टेयर)

गांव/क्षेत्र

सोनीपत

 

 

राई

2.1604

मुनीरपुर, सफियाबाद का पाना पसोसियान, अकबरपुर बारोटा, सफियाबाद खेड़ी मनाजात, खेड़ी मनाजात

सोनीपत

7.4381

कालूपुर, पट्टी जट्टान, पट्टी मुसलमान, हरसाना कला, हरसाना खुर्द, जगदीशपुर, नसीरपुर बांगर, बैंयापुर, जाहरी, थरिया, कामी

गन्नौर

5.9293

भूर्री, राजपुर, राजलू, गन्नौर, पांची गुजरान और जफरपुर

पानीपत

 

 

समालखा

-

झटीपुर समेत सात गांव

पानीपत

-

दिवाना, सिवाह, पानीपत, काबड़ी, निजामपुर, कचरौली, बाबरपुर व एक अन्य

करनाल

 

 

घरौंडा

-

कोहंड, घरौंडा ग्रामीण, बसताड़ा, झिवर हेड़ी, खरकाली

करनाल

-

भूसली, बजिदा जटान, घोगीपुर, करनाल, उचाना

नीलोखेड़ी

-

झंझारी, भैणी खुर्द, शामगढ़, डोडवा, टिखाना, पढ़ाना, नीलोखेड़ी, निगदू पुजम, मनाका माजरा, रायपुर रोडन, समाना बाहू

कुरुक्षेत्र

 

 

थानेसर

-

अमीन, थानेसर, सुंदरपुर, शादीपुर शाहाबाद, शादीपुर शहीद, धीरपुर

शाहबाद

-

सराय सुखी, अटवान, चरुनी जटां, ढोला माजरा, खानपुर जटां, झामरा शाहाबाद, पट्टी शहजादपुर, कलियाना, संभालखी, मोहरी

अंबाला

 

 

अंबाला

-

मोहरा, शाहपुर, नन्हेड़ा व अंबाला कैंट

फोर लाइन परियोजना पर एक नजर (दिल्ली-अंबाला रूट संबंधी विवरण)

विवरण

संख्या / लंबाई

दिल्ली-अंबाला रूट की लंबाई

197 किलोमीटर

फोर लाइन रेलवे ट्रैक की कुल लंबाई

420.41 किमी

रूट पर आने वाले स्टेशनों की संख्या

32

रेलवे ओवरब्रिज बनाएं जाएंगे

02

रेलवे अंडर ब्रिज बनाएं जाएंगे

77

मौजूदा आरओबी की संख्या

31

मौजूदा आरयूबी की संख्या

36

मौजूदा लेवल क्रासिंग (एलसी) की संख्या

28

"दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग को फोर लाइन किए जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन का रिकाॅर्ड देखा जा रहा है। राई, सोनीपत व गन्नौर तहसीलों से रिकाॅर्ड मांगा गया है, इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।"

-सुशील शर्मा, डीआरओ, सोनीपत।

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