सोनीपत में किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, अन्नदाताओं की हर समस्या को किया गया दूर
कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत ने हलालपुर में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इसका उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों ...और पढ़ें

सोनीपत में किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
सोनीपत में प्राकृतिक खेती पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण।
रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से नुकसान पर चर्चा।
किसानों को जीवामृत, बीजामृत व अनुदान की जानकारी दी।
संवाद सहयोगी, राई। कृषि विज्ञान केंद्र सोनीपत द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने एवं किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का हलालपुर में आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ परमिंदर सिंह ने किसानों को कहा कि वर्तमान समय में रासायनिक उर्वरकों व कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से जमीन की उर्वरा शक्ति क्षीण हो रही है, भूजल पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और लोग कैंसर जैसी असाध्य बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।
किसानों के लिए सशक्त विकल्प प्राकृतिक खेती
हरियाणा कीटनाशकों के उपयोग में 1.151 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर में देश में तीसरे स्थान पर है। यह राष्ट्रीय औसत 0.29 किलोग्राम प्रति हेक्टर से बहुत ज्यादा है। प्राकृतिक खेती एक सशक्त और व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरी है।
उन्होंने किसानों को प्राकृतिक खेती के प्रमुख घटकों जैसे जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत और मल्चिंग को तैयार करने व खेत में उनके सही उपयोग की व्यावहारिक जानकारी दी।
इसके साथ ही उन्होंने किसानों को प्राकृतिक उत्पादों की सीधी बिक्री के तरीकों, प्रमाणीकरण, ब्रांडिंग की जानकारी दी।
किसानों को दिया जा रहा अनुदान
कृषि पर्यवेक्षक रघुराज ने बताया कि प्राकृतिक किसानों को गाय के लिए 30000 रुपयों का अनुदान दिया जा रहा है।
इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी विभिन्न समस्याओं व शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में कई गांवों के 80 किसानों और महिलाओं ने भाग लिया।
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