Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Haryana: फर्जी फर्मों का तीसरा सरगना रमेश अरोड़ा गिरफ्तार, सिरसा में 300 करोड़ का किया कैश ट्रांजेक्शन

    By sudhir aryaEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Sun, 15 Oct 2023 04:00 AM (IST)

    एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने सिरसा एसपी विक्रांत भूषण के साथ खुलासा करते हुए कहा कि फर्जी फर्मो के मामले में जो भी बड़े नाम आएंगे उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। एडीजीपी ने बताया कि सिरसा में फर्जी फर्मों के संचालकों ने 300 करोड़ से भी ज्यादा का कैश ट्रांजेक्शन किया हुआ है। आरोपितों ने 27 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड लिया है। इस गिरोह ने गुजरात दिल्ली राजस्थान में भी फर्जी फर्मे बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की।

    Hero Image
    फर्जी फर्मों का तीसरा सरगना रमेश अरोड़ा गिरफ्तार (प्रतीकात्मक फोटो)

    जागरण संवाददाता, सिरसा। फर्जी फर्मों के सरगना के तीसरे आरोपी रमेश अरोड़ा को भी सीआइए सिरसा ने गिरफ्तार कर लिया है। रमेश अरोड़ा को पुलिस ने फतेहाबाद के रतिया के कलौठा गांव से पकड़ा है। रमेश का यह पुश्तैनी गांव था। सीआइए सिरसा ने उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसका 17 अक्टूबर तक रिमांड हासिल किया है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    इससे पहले दो दिन पहले एसआइटी और सीआइए ने पदम बंसल और उसकी पत्नी और बेटे के साले को गिरफ्तार किया था। जबकि महेश बंसल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। ऐसे में अब आरएमपी के नाम से मशहूर फर्जी फर्मों के संचालक रमेश, महेश और पदम बंसल सिरसा पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।

    300 करोड़ से ज्यादा ट्रांजेक्शन

    शनिवार को एडीजीपी श्रीकांत जाधव ने सिरसा एसपी विक्रांत भूषण के साथ खुलासा करते हुए कहा कि फर्जी फर्मो के मामले में जो भी बड़े नाम आएंगे, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। एडीजीपी ने बताया कि सिरसा में फर्जी फर्मों के संचालकों ने 300 करोड़ से भी ज्यादा का कैश ट्रांजेक्शन किया हुआ है।

    आरोपितों ने 27 करोड़ रुपये का जीएसटी रिफंड लिया है। इस गिरोह ने गुजरात, दिल्ली, राजस्थान में भी फर्जी फर्मे बनाकर करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की। दिल्ली में इनके खिलाफ 11, गुजरात में 30 मुकदमें दर्ज है। 10,618 करोड़ का है वैट घोटाला श्रीकांत जाधव ने बताया कि एसआईटी ने वर्ष 2014 में अपनी जांच रिपोर्ट जस्टिस प्रीतमपाल के समक्ष प्रस्तुत कर दी थी।

    उन्होंने बताया कि लगभग 10 हजार 618 करोड़ रुपये की राशि के इस घोटाले के तार दिल्ली, गुजरात सहित अन्य राज्यों में भी फैले हुए थे। मात्र सिरसा जिले में ही यह वैट घोटाला लगभग 300 करोड़ रुपये का था। एसआइटी का बढ़ेगा दायर फर्जी फर्मों की जांच करने वाली एसआइटी में अभी तक 14 सदस्य शामिल है। लेकिन इसके व्यापक नेटवर्क को देखते हुए एडीजीपी ने इसमें ओर अधिकारी और कर्मचारी नियुक्त करने का फैसला लिया है।

    इस कमेटी में पुलिस विभाग के 11 सदस्य तथा टैक्सेशन डिपार्टमेंट के तीन सदस्य शामिल थे। उस वक्त सिरसा, कैथल, बहादुरगढ़, गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत आदि 10 जिलों में वैट रिफंड तथा व्यापारियों को गलत लाभ देकर टैक्स की चोरी कराने मे अनेक अधिकारी व व्यापारियों को जांच के दौरान दोषी पाया था।

    ईडी को लिखा जाएगा पत्र एडीजीपी ने कहा कि आरोपियों की प्रापर्टी सीज करवाने के लिए ईडी को भी पत्र लिखा जाएगा। ताकि इस बात की जांच की जा सकें कि तीनों ने फर्जी फर्मों के माध्यम से जीएसटी चोरी करके प्रापर्टी बनाई है। सिरसा में वेट रिफंड के कुल 34 मुकदमे दर्ज है।

    इसमें से 14 शहर थाना में दर्ज है। इसमें से 2016 में 16 केस और 2020 में 18 केस दर्ज किए गए है। एसआइटी ने अपनी जांच में सिरसा में 60 फर्जी फर्म पाई थी। 18 लोग हो चुके हैं गिरफ्तार एडीजीपी ने बताया कि अब तक इस मामले में 18 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं । सेवानिवृत्त डीटीसी जी सी चौधरी, ईटीओ अशोक सुखीजा सहित अमित बंसल, कपिल,आशा रानी व महेश बंसल, रमेश अरोड़ा ,पदम बंसल को गिरफ्तार किया जा चुका है ।