Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Farmers Protest: हरियाणा के किसान एक बार फिर करने जा रहे हैं विशाल आंदोलन, दिल्ली में इस दिन कर सकते हैं एंट्री

    By Surender Kumar Edited By: Monu Kumar Jha
    Updated: Thu, 18 Jan 2024 05:01 PM (IST)

    Sirsa News भारतीय किसान एकता के अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि एसकेएम गैर राजनीतिक के आगामी कार्यक्रमों को लेकर रतिया में किसान नेता जरनैल सिंह चहल की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें 20 व 21 जनवरी को दिल्ली में एसकेएम गैर-राजनैतिक भारत व उत्तरी भारत की 18 जत्थेबंदियों की बैठक होगी। जिसमें 13 फरवरी दिल्ली कूच की रणनीति बनाई जाएगी।

    Hero Image
    Haryana News: 13 फरवरी को दिल्ली कूच की बनेगी रणनीति। फाइल फोटो

    जागरण संवाददाता, सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) अध्यक्ष लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि एसकेएम गैर राजनीतिक के आगामी कार्यक्रमों को लेकर रतिया में किसान नेता जरनैल सिंह चहल की अध्यक्षता में बैठक हुई। 13 फरवरी दिल्ली कूच को कामयाब बनाने के लिए हरियाणा में कई जगह कार्यक्रम किए जा रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    13 फरवरी को दिल्ली कूच की बनाई जाएगी रणनीति 

    जिसमें 20 व 21 जनवरी को दिल्ली में एसकेएम गैर-राजनैतिक भारत व उत्तरी भारत की 18 जत्थेबंदियों की बैठक होगी। जिसमें 13 फरवरी दिल्ली कूच की रणनीति बनाई जाएगी। 23 जनवरी को सोनीपत के भटाना गांव में पंचायत की जाएगी। फतेहाबाद में 22 जनवरी से गुरुद्वारा अजीतसर साहिब रतिया से अरदास विनती करके किसान यात्रा शुरू की जाएगी।

    सिरसा। लखविंद्र सिंह औलख, अध्यक्ष बीकेई। जागरण

    25 जनवरी से सिरसा से किसान यात्रा होगी शुरू

    25 जनवरी से सिरसा से किसान यात्रा शुरू की जाएगी। इसके अलावा एसकेएम गैर राजनैतिक के आह्वान पर किसान आंदोलन के बलिदानी युवा किसान नवरीत सिंह व लखीमपुर खीरी के बलिदानियों सहित सभी बलिदानी किसानों की याद में सभी जगह 26 जनवरी को कैंडल मार्च निकाला जाएगा।

    यह भी पढ़ें: हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन 24 जनवरी को अपनी इन मांगों को लेकर करने जा रहा है चक्का जाम, आम लोगों को होगी परेशानी

    तीन फरवरी को नारनौद की अनाज मंडी में किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। आठ फरवरी को कालांवाली में किसान महापंचायत होगी। इस मौके पर जरनैल सिंह चहल, अभिमन्यु कोहाड़, एसपी सिंह मसीतां, गुरदास सिंह लकड़ावाली, सुनील बद्दोवाल, अंग्रेज सिंह कोटली, भोला भाली रोहतक, गुरपाल सिंह मांगेआना, खुशदीप सिंह हैबुआना, रणबीर सिंह, अशोक सहरावत, जगमीत सिंह मौजगढ़, राजेंद्र सिंह चहल किसान नेता उपस्थित थे।

    ये हैं किसानों की मुख्य मांगें

    स्वामीनाथन आयोग के सी 2 प्लस फार्मूले के अनुसार किसानों की उपज की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बनाया जाए। देश के किसान-मजदूरों का संपूर्ण कर्ज माफ किया जाए। नरमा की फसल को बचाने के लिए बीज में सुधार किया जाए। 2015 में माडल एक्ट के माध्यम से 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून में जो बदलाव किए गए हैं।

    वो बदलाव वापस लिए जाएं और नए भूमि अधिग्रहण कानून के तहत हो रही किसानों की जमीन की लूट बंद की जाए। लखीमपुर खीरी कांड के आरोपित गृह-राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी और उसके बेटे को गिरफ्तार किया जाए और घायल किसानों को मुआवजा दिया जाए।

    भारत सरकार मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाए और भारत सरकार डब्ल्यूटीओ से बाहर आये। किसान आंदोलन की बची हुई मांगें पूरी की जाएं और बिजली संशोधन बिल वापस लिया जाए।

    यह भी पढ़ें: Ram Mandir: हरियाणा के इस मठ में बनी थी राम मंदिर आंदोलन की पूरी रणनीति, आडवाणी से लेकर CM योगी के गुरू भी थे बैठक में शामिल