यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पराली को जलाएं नहीं, प्रबंधन करके पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें नागरिक : उपायुक्त अनीश यादव
उपायुक्त अनीश यादव ने किसानों से आह्वान किया है कि वे संतुलित पर्यावरण के लिए फसल अवशेष प्रबंधन अपनाए। फसल ...और पढ़ें

सिरसा, विज्ञप्ति: उपायुक्त अनीश यादव ने किसानों से आह्वान किया है कि वे संतुलित पर्यावरण के लिए फसल अवशेष प्रबंधन अपनाए। फसल अवशेषों को न जलाएं, बल्कि इन्हें भूमि में मिलाकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ाएं। किसान पराली प्रबंधन मशीनों का प्रयोग कर प्रदूषण से मुक्ति पाने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों को बचाकर फसलों की पैदावार में वृद्धि कर सकते है। जिले में 22 अक्टूबर तक पराली जलाने के 13 मामले आए है। छह किसानों पर जुर्माना लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि पराली जलाने से जहां जमीन की उर्वरा शक्ति खत्म होती है, वहीं उसके कीट मित्र नष्ट हो जाते हैं। इसलिए किसानों को समय रहते जागरूक होना होगा और पराली प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में सहयोगी की भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से हानिकारक गैसों से उत्सर्जन से श्वसन रोग बढ़ता है, भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है तथा मित्र कीट नष्ट होते है। बेहतर पराली प्रबंधन से प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षण मिलता है तथा रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है। फसल अवशेष प्रबंधन के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृषि उपनिदेशक व सहायक कृषि अभियंता से संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा टोल फ्री नंबर 1800-180-2117 पर भी फसल अवशेष प्रबंधन बारे जानकारी हासिल की जा सकती है।
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फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की सूचना कंट्रोल रूम (01666-248882) पर दे सकते हैं नागरिक:
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि जिला में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर 01666-248882 है, इस नंबर पर आमजन किसी भी समय फसल जलाने की घटनाओं की सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा नागरिक उप निदेशक कृषि कार्यालय के दूरभाष नंबर 01666-220371 पर भी फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की सूचना दी जा सकती हैं। फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर पूर्णत: अंकुश लगाने के लिए गांव स्तर, क्लस्टर स्तर, खंड स्तर व उपमंडल स्तर पर अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई गई हैं।
