विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भादरा तालाब का मिट गया अस्तित्व, बना दिया पार्क

By JagranEdited By:
Published: Thu, 25 Mar 2021 05:22 AM (IST)

सिरसा कभी तीर्थ मानते हुए श्रद्धा के साथ दूर-दूर से लोग स्नान करने के लिए ि

भादरा तालाब का मिट गया अस्तित्व, बना दिया पार्क
भादरा तालाब का मिट गया अस्तित्व, बना दिया पार्क

जागरण संवाददाता, सिरसा : कभी तीर्थ मानते हुए श्रद्धा के साथ दूर-दूर से लोग स्नान करने के लिए सिरसा के प्रसिद्ध भादरा तालाब में पहुंचते थे। बारिश होने के बाद पूरे शहर का पानी भादरा तालाब में संचय होता था। तालाब जल संरक्षण के लिए मिसाल था। अब इस तालाब की जगह पर पार्क बना दिया गया है। इससे जहां भादरा तालाब का अस्तित्व मिट गया वहीं भूमिगत पानी का जलस्तर पर तेजी से नीचे जा रहा है।

----

हर समय पानी से लबालब भरा रहता था तालाब

बारिश के मौसम में पानी से तालाब लबालब भरा रहता था। इसके बाद सीवरेज न होने के कारण नालियों का पानी तालाब में डाला जाने लगा। इसके बाद तालाब का पानी दूषित होने लगा। वर्ष 2002 में तालाब की जगह पर पार्क बना दिया। यहां पर जिस समय तालाब था। उस समय भूमिगत जलस्तर भी सही था। इसके बाद से भूमिगत जलस्तर में भी तेजी से गिरावट आई है।

---

तालाब के चारों तरफ मंदिर

भादरा तालाब के चारों तरफ आज भी मंदिर बने हुए हैं। यहां पर पास में ही बने माता मावड़ी मंदिर में दूसरे प्रदेशों से भी लोग माथा टेकने के लिए पहुंचते हैं। इसी के साथ शिव मंदिर, बंसीवट मंदिर, खजांचिया मंदिर व अनेक धर्मशाला समीप बनी हुई है। सिरसा निवासी तुलसी राम ने बताया कि भादरा तालाब तीर्थ था। यहां पर दूर दूर से लोग स्नान करने पहुंचते थे। आज भी यहां पर करीब 20 मंदिर बने हुए हैं।

------------

तालाब बचाने के लिए दैनिक जागरण ने शुरू की मुहिम

दैनिक जागरण ने तालाबों को बचाने के लिए मुहिम शुरू की हुई है। जल संरक्षण की मुहिम तालाबों को गोद लेने और उनके सुधारीकरण के लिए अभियान चलाने लगा। इस अभियान में नहर विभाग की भी बड़ी भूमिका सामने आई है। विभाग ने पंचायतों के 96 तालाबों की 150 एकड़ भूमि के सुधारीकरण का फैसला लिया हुआ है। इसी के साथ अनेक गांवों में पंचायतों की तरफ से तालाबों की दिशा सुधारने के लिए कार्य किया गया है।