सैनिक स्कूल कुंजपुरा में प्रवेश के लिए 2800 से अधिक ने दी परीक्षा
सैनिक स्कूल कुंजपुरा (करनाल) में कक्षा छठी व नौवीं में प्रवेश लेने के लिए रविवार को रोहतक में पांच केंद्रों पर परीक्षा हुई।

जागरण संवाददाता, रोहतक :
सैनिक स्कूल कुंजपुरा (करनाल) में कक्षा छठी व नौवीं में प्रवेश लेने के लिए रविवार को रोहतक में पांच केंद्रों पर परीक्षा हुई। जिनमें रोहतक के अलावा आसपास के जिलों से भी 2800 से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। जिनमें से छठी कक्षा के 1843 व नौवीं कक्षा के 961 परीक्षार्थी शामिल है। अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर सुबह दस से दोपहर बाद एक बजे तक परीक्षा हुई। छठी के परीक्षाओं ने बताया कि उनके लिए 300 अंक की परीक्षा हुई जबकि नौवीं के परीक्षाओं का कहना है कि उनके लिए 400 अंकों की परीक्षा हुई है। अंग्रेजी, गणित, साइंस, सामाजिक विज्ञान एवं रिजनिग के प्रश्न पूछे गए। परीक्षाओं ने कहा कि गणित के सवाल जहां मुश्किल रहे वहीं रीजनिग सामान्य रहा। पेपर भी अच्छा हुआ है। अधिकारियों का दावा है कि जिला में यह परीक्षा शांतिपूर्वक हुई है। केंद्रीय विद्यालय में इसका कंट्रोल रूम बनाया गया। प्रधानाचार्य सुरेंद्र के मुताबिक आंबेडकर चौक स्थित माडल स्कूल, पठानिया पब्लिक स्कूल, जोन वेस्ले कंवेंट स्कूल, शिक्षा भारती स्कूल व सेक्टर-चार स्थित माडल स्कूल में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह बना रहा। पठानिया पब्लिक स्कूल में छठी कक्षा की परीक्षा हुई। यहां 400 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था, जिनमें से 375 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। आंबेडकर चौक स्थित माडल स्कूल में नौवीं कक्षा की परीक्षा हुई। यहां 1020 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था, उनमें से 956 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। वहीं, जोन वेस्ले कंवेंट स्कूल में छठी कक्षा की परीक्षा हुई। यहां 670 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया था, लेकिन उनमें से 613 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। शिक्षा भारती स्कूल में 613 ने दी परीक्षा :
उधर, शिक्षा भारती स्कूल में भी छठी कक्षा की परीक्षा हुई। यहां 660 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया, जिनमें से 613 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। सेक्टर चार स्थित माडल स्कूल में छठी कक्षा की परीक्षा हुई। यहां 256 परीक्षार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र बनाया गया, उनमें से 242 परीक्षार्थी उपस्थित हुए। बच्चों की परीक्षा के चलते अभिभावक भी परीक्षा केंद्रों के बाहर खड़े रहे। परीक्षार्थी जब बाहर आए तो अभिभावकों ने उनसे परीक्षा के संबंध में खूब बातचीत की।
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