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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेल में रातभर करवटें बदलता रहा गुरमीत, खाना भी नहीं खाया

By Kamlesh BhattEdited By:
Published: Tue, 29 Aug 2017 10:49 AM (IST)Updated: Tue, 29 Aug 2017 01:31 PM (IST)

गुरमीत राम रहीम रातभर जेल में करवटें बदलता रहा। उसे नींद नहीं आ रही थी। सजा सुनाए जाने के बाद से उसने रात को खाना भी नहीं खाया।

जेल में रातभर करवटें बदलता रहा गुरमीत, खाना भी नहीं खाया
जेल में रातभर करवटें बदलता रहा गुरमीत, खाना भी नहीं खाया

जेएनएन, रोहतक। साध्वी यौनशोषण मामले में सजा सुनाए जाने के दौरान राम रहीम की आंखों में आंसू टपकते रहे। उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा था। वह बार-बार जज के सामने रहम की भीख मांग रहा था। जब उसे जेल की बैरक में ले जाया गया तो वह पूरी तरह डिप्रेश दिख रहा था। उसने सोमवार रात को खाना भी नहीं खाया। रातभर वह करवटें बदलता रहा।

बताया जाता है कि उसे कैदी नंबर 8647 दिया गया है। हालांकि अभी जेल प्रशासन इसकी पुष्टि नहीं कर रहा। बताया जाता है कि राम रहीम ने जेल में कैदियों के कपड़े पहनने से भी इन्कार कर दिया है। वह अपने खुद के ही कपड़े जेल में पहनेगा।

सीबीआइ जज भी सुनारिया जेल में ठहरे

सुनारिया जेल में अस्थायी सीबीआइ कोर्ट में डेरामुखी को सजा सुनाने के बाद जज जगदीप सिंह ने रोहतक में ही रात्रि ठहराव किया। अंधेरा होने के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका, जिसके कारण प्रशासन ने उनके ठहरने की व्यवस्था सुनारिया पुलिस ट्रेनिंग के रेस्ट हाउस में की। सीबीआइ कोर्ट के जज जगदीप सिंह सोमवार दोपहर को हेलीकॉप्टर से सुनारिया जेल पहुंचे थे। अदालत की प्रक्रिया शाम छह बजे तक चली। इसके बाद आसमान में बादल छाने और अंधेरा होने के कारण जज जगदीप सिंह को यहीं पर ठहराया गया। मंगलवार दोपहर वह पंचकूला लौट आए हैं।

सुनारिया जेल की बढ़ाई सुरक्षा

डेरामुखी राम रहीम को फैसला सुनाने के बाद सुनारिया जेल में ही रखा गया है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुनारिया जेल की सुरक्षा पहले से भी कड़ी कर दी है। आगामी आदेश तक अर्धसैनिक बल के जवान सुनारिया जेल की सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

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