जागरण संवाददाता, रोहतक : चाइल्ड हेल्पलाइन व जीआरपी टीम ने रोहतक रेलवे स्टेशन से बेसहारा घूम रहे बच्चे को रेसक्यू किया। पिता की पिटाई से परेशान होकर बच्चे ने घर छोड़ दिया और ट्रेन में बैठकर रोहतक पहुंच गया। चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम ने जीआरपी थाना में डीडीआर कटवा कर बच्चे को जगन्नाथ आश्रम में भेज दिया है।

रविवार की शाम चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को जानकारी मिली कि दिल्ली से जाखल जाने वाली ट्रेन में एक बच्चा बैठा है, जिसके साथ कोई नहीं है। टीम ने मौके पर पहुंच कर बच्चे को ट्रेन से उतारा व उसके बारे में जानकारी जुटाई। बच्चे ने अपना नाम यश व उम्र दस वर्ष बताई। बच्चे ने बताया कि वह लाइन पार डौला लक्ष्मणपुरी, मुरादाबाद, उत्तरप्रदेश का रहने वाला है। उसके पिता लोकेट बनाने का काम करते हैं और रोज शराब पीकर उसकी पिटाई करते थे। उसकी मां की भी पिटाई की जाती है। पिटाई के डर से वह घर से भाग कर रोहतक पहुंच गया। बच्चे को अपने पिता या किसी परिचित का फोन नंबर याद नहीं है लेकिन अपने स्कूल के बारे में बताया कि वह नैतिक पब्लिक स्कूल मुरादाबाद में कक्षा चार का छात्र है।

चाइल्ड लाइन के जिला संयोजक सुभाष ने जीआरपी थाने में डीडीआर दर्ज करवा बच्चे का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाया। चाइल्ड लाइन की टीम और जीआरपी थाने से एएसआइ सुनीता ने बच्चे को चौ. लखीराम आर्य जगन्नाथ आश्रम में शेल्टर दिलवा दिया है। बच्चे के परिजनों की तलाश के लिए मुरादाबाद पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।

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उत्तरप्रदेश के बहराइच से हिसार बाईपास पहुंचा बच्चा

चाइल्ड लाइन टीम को दूसरा बच्चा हिसार रोड पर मिला। जो कि छह-साल साल का है और अपना रामबलम बता रहा है। बच्चे रामबलम को बहराइच से किसी बस चालक ने हिसार रोड बाइपास रोहतक में उतार दिया था। इस बच्चे को भी इंदिरा कालोनी पुलिस चौकी की मदद से आश्रम में शेल्टर दिलवाया गया। कोविड के दौर में बच्चों को काफी संकटों का सामना करना पड़ रहा है। चाइल्ड लाइन के जिला समन्वयक सुभाष ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को कोई बच्चा बेसहारा हालत में मिले तो तुरंत 1098 पर काल करके बच्चों तक मदद पहुंचाने की कोशिश करें।

Edited By: Jagran