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    जींद से दिल्ली जा रही ट्रेन में विस्फोट, कई यात्री थे सवार... जानिए क्या होती है पोटाशगन, जिससे हुआ यह हादसा

    Updated: Mon, 28 Oct 2024 10:56 PM (IST)

    रोहतक से दिल्ली जा रही दिल्ली मेमू ट्रेन में विस्फोट से चार यात्री घायल हो गए। हादसा सांपला से आगे खरखौदा पुल के पास हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कोई व्यक्ति गंधक-पोटाशगन लेकर जा रहा था और उससे ही विस्फोट हुआ है। रेलवे और पुलिस अधिकारी हर एंगल से जांच में जुटे हैं। जानिए क्या होती है पोटाशगन...

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    जींद से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में विस्फोट, 2000 यात्री थे सवार, जांच में जुटी पुलिस।

    विनोद जोशी, रोहतक। रोहतक से दिल्ली जा रही दिल्ली मेमू रेलगाड़ी के एक बोगी में सांपला से आगे खरखौदा पुल के पास विस्फोट हो गया। इससे अफरा-तफरी मच गई। चार यात्रियों को हलकी चोट लगी है, जिन्हें निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। रेलवे व जिला अधिकारियों के अनुसार हादसे में किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। हादसा शाम करीब साढ़े पांच बजे हुआ।

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    प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कोई व्यक्ति गंधक-पोटाशगन लेकर जा रहा था और उससे ही विस्फोट हुआ है। इस दौरान दिल्ली से पहुंची एक टीम ने भी पूछताछ की। एफएसएल की टीम ने भी जरूरी साक्ष्य जुटाए। बम निरोधक टीम को भी सूचना दी।

    पुलिस के अनुसार रोहतक रेलवे स्टेशन से सवारी गाड़ी करीब 4:20 मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना हुई। ट्रेन में करीब दो हजार यात्री सवार थे। रेलवे पुलिस ने यात्रियों से की पूछताछ रोहतक से भी आरपीएफ की टीम भी घटना स्थल पर पहुंची और यात्रियों से पूछताछ की।

    क्या बोले रेलवे अधिकारी

    बताया गया कि कोई यात्री झोले में पोटाशगन लिए हुआ था जिस कारण वह पोटाशगन दबाव के कारण चल गई और हादसा हो गया। पुलिस और रेलवे के अधिकारी भी हर एंगल से जांच में जुटे हैं।

    विस्फोट के चलते काफी देर तक रेलगाड़ी को खड़ा रखा गया, बाद में ट्रेन को रद कर दिया गया। बाकी यात्री निजी वाहनों व दूसरी रेलगाड़ी आने पर अपने गंतव्य की ओर गए।

    काफी मात्रा में ट्रैक पर मिली पोटाशगन जिस समय रेलगाड़ी में हादसा हुआ उस समय रेलवे ट्रैक के बीच में पोटाशगन से भरा कट्टा भी बरामद किया गया।

    त्योहार सीजन में यह घटना सामने आने के बाद रेलवे के अधिकारियों ने उच्चस्तरीय जांच बैठा दी है और इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मामला भी दर्ज किया जाएगा। ट्रेन में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरण की मदद से आग पर काबू पा लिया गया।

    हादसे की सूचना मिलते ही जीआरपी, डीएसपी जीआरपी मौके पर पहुंच गए थे और अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    - हिमांशु गर्ग, एसपी, रोहतक।

    फोरेसिंक टीम जांच कर रही है, उनकी प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ही कुछ स्पष्ट होगा।

    - अजय कुमार, उपायुक्त रोहतक।

    जींद से दिल्ली जाने वाली पेसेंजर ट्रेन में किसी यात्री द्वारा पोटाशगन बैग में भरके ले जाया जा रहा था। उसमें से एक पोटाशगन जलने के कारण ये घटना हुई है। इस घटना में अभी तक किसी के घायल होने की सूचना प्राप्त नहीं हुई है। बाकि अग्रिम कार्यवाही की जा रही है।

    - हिमांशु शेखर उपाध्याय, सीपीआरओ, आइआरटीएस उत्तर रेलवे दिल्ली।

    क्या होती है पोटाशगन

    पोटाशगन को लोहे पाइप से बनाया जाता है। इनकी बिक्री अवैध मानी जाती है। पोटाशगन में पोटाश व गंधक को भरा जाता है। इसके बाद पोटाशगन के पाइप में डाले गए सरिये से दबाव बनाया जाता है, जिससे पोटाश गंधक फट जाता है। इसकी आवाज तेज होती है और इसकी गंध काफी जहरीली भी होती है।

    सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

    दीपावली त्योहार है और लोग विस्फोटक पदार्थ लेकर रेलगाड़ी में सफर कर रहे हैं, जो अपने आप में सुरक्षा में सेंध है। इन दिनों किसी भी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में ज्वलनशील पदार्थ को ले जाने की अनुमति नहीं होती और पोटाश गंधक ले जाया जा रहा है।

    इसी कारण सोमवार को हादसा भी हो गया। यह पोटाशगन काफी खतरनाक होती है। इस तरह की सुरक्षा में सेंध लगाना बड़ी बात है। इस तरह यात्रियों की चेकिंग होनी अनिवार्य होनी चाहिए। तभी इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।

    'चेन पुलिंग भी बंद हो'

    ओल्ड हाउसिंग बोर्ड निवासी एवं सामाजिक कार्यकर्ता जसबीर ने चिंता जताई कि रोहतक शहर में चेन पुलिंग भी होती है, इस कारण यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा होता है। कई बार लोग दिल्ली से सामान लाने के दौरान कन्हेंली मोड, एलिवेटेड ट्रैक, डबल फाटक के निकट भी चेन पुलिंग कर देते हैं।

    ऐसे में यात्रियों के सामान की जांच नहीं हो सकती। इसलिए इस प्रकरण में रेलवे को संज्ञान लेना चाहिए और ऐसे तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। मैं रेलवे के अधिकारियों को इस संबंध में लिखित में पत्र सौंपूंगा।