Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हुड्डा के सांचे में फिट नहीं बैठते, करनाल से चुनाव लड़ने को तैयार : सुभाष बतरा

    - 2024 में प्रदेश में बनेगी कांग्रेस पार्टी की सरकार भाजपा ने जनता के साथ किया धोखा

    By JagranEdited By: Updated: Tue, 23 Aug 2022 09:12 PM (IST)
    Hero Image
    हुड्डा के सांचे में फिट नहीं बैठते, करनाल से चुनाव लड़ने को तैयार : सुभाष बतरा

    जागरण संवाददाता, रोहतक :

    पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष बतरा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पार्टी के कदावर नेता हैं। लेकिन वह उनके सांचे में फिट नहीं बैठते हैं, इसलिए रोहतक से बाहर किसी भी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने को तैयार हैं। अगर पार्टी संगठन चाहेगा तो करनाल से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खिलाफ भी मैदान में उतरने पर तैयार हैं। बतरा मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा नेता प्रतिपक्ष पर वादा खिलाफी के आरोप लगाते हुए लोकसभा या विधानसभा चुनाव लड़ने के ऐलान करने के सवाल पर कहा कि पूर्व मंत्री बतरा ने कहा कि पार्टी संगठन टिकट दे तो उनको चुनाव लड़ना चाहिए। साथ ही, कहा कि वे भी चुनाव लड़ना चाहते हैं, लेकिन पूर्व सीएम हुड्डा के सांचे में फिट नहीं बैठते, इसलिए यहां से टिकट मिलना संभव नहीं है। अगर पार्टी संगठन चाहेगा तो सीएम मनोहर लाल को चुनौती देते हुए करनाल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि भाजपा-जजपा सरकार में इतिहास में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ है। सरकार के मंत्री खुद ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं हारे हुए लोगों पर सरकार चलाने के आरोप लग रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री चुप हैं। भ्रष्टाचार, महंगाई और बेरोजगारी से प्रदेश की जनता खासकर युवा वर्ग परेशान हो चुका है। एक समय ऐसा होगा कि भाजपा के नेता आगे होंगे और जनता लठ लेकर उनके पीछे होगी। इसका उदाहरण 2024 के चुनाव में दिख भी जाएगा। प्रदेश में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनेगी। भाजपा सांसद डा. अरविद शर्मा ने अमृत योजन के 350 करोड़ के घोटाले के आरोप लगाए थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसकी जांच करना तक उचित नहीं समझा। भाजपा सरकार के साथ-साथ अपनी पार्टी को भी घेरते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को मजबूत विपक्ष की भूमिका में आने की जरूरत है ताकि जनता की आवाज उठाकर भाजपा-जजपा सरकार को सत्ता से नीचे उतारा जा सके। उन्होंने कहा कि हारे हुए मंत्री तो फीता काटते हैं और जनप्रतिनिधि तालियां बजाते हैं, जो उनका अपमान है। उनके साथ कांग्रेस नेता सतीश बंधु भी मौजूद थे।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें