यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमित शाह राजनीतिक राजधानी में तय करेंगे अगली फतह का रोडमैप
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिन तक हरियाण्ाा की राजनीतिक राजधानी रोहतक में रह कर अगले चुनाव में ...और पढ़ें

रोहतक, [अनुराग अग्रवाल]। रोहतक को हरियाणा की राजनीति का केंद्र बिंदु कहा जाता है। यूं कहिए, यह राजनीति के खेल की अहम पिच है। ठेठ जाटलैंड, लेकिन पंजाबियों का भी अच्छा खासा दखल है यहां। पूरे 10 साल इसके इर्दगिर्द प्रदेश की सियासत घूमती रही, बिना ब्रेक सरकार चली।
सियासी बदलाव हुआ तो जाट आरक्षण आंदोलन का जख्म इस धरती के सीने में गहराई से धंसता चला गया। अब माहौल शांत है और काफी हद तक बदल भी चुका है। इस बदले माहौल में भाजपा के शाह लगातार तीन दिन यहां रहकर फिर से हरियाणा फतेह का रोडमैप तैयार करेंगे साथ ही अगले चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर संगठन और सरकार के लोगों को मूलमंत्र भी देकर जाएंगे।
जाटलैंड रोहतक बना सत्ता का पावर केंद्र, मिशन 2019 के तहत जीत का देंगे मूलमंत्र
मिशन 2019 के तहत हर राज्य में दस्तक दे रहे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बुधवार से हरियाणा में डेरा डालेंगे। लगातार तीन दिन वह जाटलैंड रोहतक में रहकर पूरे हरियाणा की रणनीति तय करेंगे। संगठन के कामकाज में तेजी लाने के साथ ही अपनी सरकार के कामकाज का आकलन उनके एजेंडे का अहम बिंदु हैं। इन तीन दिनों में अमित शाह संगठन के आम कार्यकर्ता से लेकर पार्टी व सरकार के शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करेंगे। चर्चा में जो भी कुछ निकलेगा, वह अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में काम आएगा।
पार्टी के आम कार्यकर्ता से लेकर सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक से करेंगे हर पहलू पर चर्चा
अमित शाह 2 से 4 अगस्त के बीच लगातार दो दर्जन बैठकें करेंगे। प्रकोष्ठ व विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा होगी तो साथ ही केंद्रीय योजनाओं के संचालन की स्पीड भी चेक की जाएगी। मंत्रियों, विधायकों और सांसदों से अलग-अलग बैठकें मिशन हरियाणा का हिस्सा है। प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद के जरिए शाह वास्तविक फीडबैक हासिल करेंगे। फिर उसके आधार पर संगठन और सरकार को लागू करने के लिए कहेंगे।
जाटलैंड में अमित शाह के दौरे से बढ़ी विपक्ष की मुश्किलें, लगातार दो दर्जन बैठकें करेंगे
मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनकी कैबिनेट के सभी मंत्री रोहतक पहुंच चुके हैं। जाटलैंड पूरी तरह से भाजपा संगठन और सरकार का पावर हाउस बन गया है। विपक्षी राजनीतिक दलों की निगाह शाह के हरियाणा दौरे पर टिकी हुई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके सांसद पुत्र दीपेंद्र सिंह हुड्डा खुद शाह के दौरे पर नजर रखे हुए हैं। दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा प्रभारी डा. अनिल जैन और प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के साथ उनकी पूरी टीम ने मोर्चा संभाल लिया है। शाह का यह दौरा अगले चुनाव की तैयारी के साथ ही सरकार और संगठन के काम में गति प्रदान करने वाला होगा।
हरियाणा में चौथी बार आ रहे शाह
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चौथी बार हरियाणा के दौरे पर आ रहे हैं। अपने पहले तीन दौरों के दौरान शाह हरियाणा में मात्र एक-एक दिन रुके, लेकिन यह पहला मौका है कि वह लगातार तीन दिन तक हरियाणा में रहकर विपक्ष की मुश्किलें बढ़ाएंगे। शाह गुरुग्राम, फरीदाबाद, कुरुक्षेत्र और हिसार के अलावा चंडीगढ़ भी आ चुके हैं।
मंत्रियों, सांसदों व विधायकों को मिलेगा कड़ा संदेश
राजधानी चंडीगढ़ में अपने दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व वाली सरकार की तारीफ करने के साथ ही उनके विरोधियों को कड़ा संदेश देकर गए थे। शाह इस बार रोहतक में मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को जनता के बीच जाने के साथ ही आपसी खींचतान खत्म करने के निर्देश देकर जा सकते हैं, ताकि मिशन 2019 में किसी तरह का व्यवधान उत्पन्न न हो सके।
