जागरण संवाददाता, रेवाड़ी: साहबी बैराज में छोड़े जा रहे दूषित पानी को लेकर हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने भी सख्त रुख अपना लिया है। प्रदूषण बोर्ड द्वारा साहबी बैराज में दूषित पानी छोड़ने वाले सात सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) पर जुर्माना लगाया जाएगा। पांच एसटीपी पर जुर्माना लगाने के लिए क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड ने पंचकुला स्थित मुख्यालय को पत्र लिखा है। प्रदूषण बोर्ड द्वारा दूषित पानी छोड़ने लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध केस भी दायर किया जाएगा, जिसके लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। साहबी में छोड़े जा रहे दूषित पानी से आस-पास के दर्जनों गांव प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने दूषित पानी छोड़े जाने के विरोध में 21 अगस्त को गांव मसानी में महापंचायत भी बुलाई है।

दो साल से छोड़ा जा रहा है दूषित पानी:

प्रदेश सरकार द्वारा साहबी बैराज को कृत्रिम झील के रूप में विकसित करने का प्रोजेक्ट तैयार किया गया था। सालों से वर्षा के दिनों में अतिरिक्त पानी इस झील में छोड़ा जाता था, लेकिन बीते दो साल से इस झील में शहर का दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। शर्त यह थी कि सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से पानी को साफ करके यहां छोड़ा जाएगा, लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी दूषित पानी ही यहां पर छोड़ रहे हैं। इसका परिणाम यह रहा कि बीते दो सालों में झील में मौजूद सैकड़ों मछलियां मर चुकी है। प्रवासी पक्षियों ने भी आना कम कर दिया है। आस-पास के गांवों में बदबू फैल रही है। जमीनी पानी भी खराब हो रहा है।

फेल हुए पानी के सैंपल:

साहबी में छोड़ा जा रहा दूषित पानी आस-पास के गांवों के ग्रामीणों के लिए अभिशाप बन चुका है। जून माह में गांव खरखड़ा के रहने वाले प्रकाश यादव व कांता देवी ने दूषित पानी छोड़ने की शिकायत हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भेजी थी। शिकायत के बाद प्रदूषण बोर्ड ने साहबी बैराज में छोड़े जा रहे पानी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे थे। जांच में सभी सैंपल फेल पाए गए, जिसके बाद क्षेत्रीय प्रदूषण बोर्ड ने एसटीपी पर जुर्माना लगाने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजा है। मुख्यालय से एसटीपी पर लगाया जाने वाली जुर्माना राशि निर्धारित की जाएगी। इसके अतिरिक्त पंचकुला स्थित मुख्यालय से दूषित पानी छोड़ने के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध केस दायर करने के लिए भी अनुमति मांगी गई है।

21 अगस्त को महापंचायत:

साहबी में छोड़े जा रहे दूषित पानी के विरोध में आस-पास के गांवों के ग्रामीण भी एकजुट हो रहे है। आगामी 21 अगस्त को गांव मसानी स्थित बस स्टाप पर महापंचायत बुलाई गई है। महापंचायत में दूषित पानी से प्रभावित गांव मसानी, निखरी, खरखड़ा, खलियावास, तीतरपुर, डूंगरवास, रसगण, भटसाना, निगानियावास, रालियावास, पंचगांव व जड़थल सहित आस-पास के अन्य गांवों के ग्रामीण शामिल होंगे और समाधान के लिए चर्चा कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।

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सात में से पांच एसटीपी पर जुर्माना लगाने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड मुख्यालय को लिखा गया है और केस दायर करने की अनुमति भी मांगी गई है। दो एसटीपी पर भी जुर्माना की कार्यवाही जल्द की जाएगी।

-दिनेश यादव, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड धारूहेड़ा

Edited By: Jagran