विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

रेवाड़ी अनाज मंडी में बारिश से भीगा सैकड़ों क्विंटल बाजरा, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:33 AM (IST)

रेवाड़ी की नई अनाज मंडी में तेज बारिश से सैकड़ों क्विंटल बाजरा भीग गया, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ। ...और पढ़ें

नई अनाज मंडी में तेज बारिश से बर्बाद हुआ बाजरा।

नई अनाज मंडी में तेज बारिश से बर्बाद हुआ बाजरा।

HighLights

  1. तेज बारिश से रेवाड़ी अनाज मंडी में बाजरा भीगा

  2. सैकड़ों क्विंटल बाजरा खुले में रखा था, हुआ नुकसान

  3. किसान पंजीकरण और सुरक्षा इंतजामों की कमी से परेशान

जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। शहर में बृहस्पतिवार को हुई तेज बारिश से नई अनाज मंडी में जलभराव हो गया। वहीं, मंडी में खुले में रखा सैकड़ों क्विंटल बाजरा भीग गया।

बाजरा बेचने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों की ट्रैक्टर-ट्रालियों में रखा अनाज भी बारिश की चपेट में आ गया। कई किसानों ने तिरपाल से बाजरे को ढककर बचाने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद अनाज भीगने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।

रेवाड़ी सहित जिले की चार अनाज मंडियों में बाजरे की खरीद की जा रही है। बाजरा बेचने के लिए किसान रात से ही शहर की नई अनाज मंडी के दोनों प्रवेश द्वारों पर ट्रैक्टर-ट्रालियां लेकर लाइन में लग जाते हैं, ताकि सुबह जल्द टोकन कटवाकर अपनी उपज बेच सकें।

बृहस्पतिवार को भी दोनों गेटों पर करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन लगी हुई थी। इसी दौरान सुबह करीब 11 बजे मौसम में अचानक बदलाव हुआ और तेज बारिश शुरू हो गई। इससे मंडी में खुले में पड़ा बाजरा भीग गया। साथ ही, लाइन में खड़े किसानों के ट्रैक्टर-ट्रालियों में रखा बाजरा भी बारिश से प्रभावित हुआ।

रजिस्ट्रेशन के चलते किसानों की बढ़ रही परेशानी 

मंडी में बाजरा बेचने पहुंचे किसानों ने बताया कि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, मंडी के बाहर खुले बाजार में भी बाजरे की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम भाव पर हो रही है।

इसके बावजूद भावांतर भरपाई योजना का लाभ लेने की उम्मीद में किसानों को मंडी पहुंचकर खरीद प्रक्रिया पूरी करवानी पड़ रही है। ऐसे में लंबा इंतजार, रजिस्ट्रेशन संबंधी दिक्कतें और बारिश से उपज भीगने जैसी समस्याएं उनकी परेशानी बढ़ा रही हैं। किसानों का कहना है कि खरीद प्रक्रिया के दौरान खुले में रखे अनाज को बारिश से बचाने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए, ताकि उनकी मेहनत पर पानी न फिरे।

यह भी पढ़ें- किसानों के लिए झारखंड में प्रखंड स्तर पर बनेंगे कस्टम हायरिंग सेंटर और थ्रेसिंग फ्लोर, बड़े ट्रैक्टरों पर सब्सिडी बढ़ेगी

यह भी पढ़ें- जालंधर में आज किसान करेंगे अमृतसर-दिल्ली हाईवे पर रोष प्रदर्शन, सरवन सिंह पंढेर की अपील- प्रोटेस्ट को सफल बनाएं